महराजगंज तराई। ग्राम पंचायत लोहेपनिया के किसानों पर इस बार प्रकृति की मार के साथ नहर विभाग की लापरवाही भी भारी पड़ रही है। बरसात के दौरान आई बाढ़ से जहां खरीफ की फसल तबाह हो गई थी, वहीं अब नहर कटने से रबी की करीब 100 एकड़ फसल पानी में डूब गई है। लगातार दूसरी बार फसल नष्ट होने से किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
किसान मोहम्मद सई, अशोक कुमार, रफतुल्ला, अकील, अब्दुल रशीद, अमिरका, राम समुझ, छेदीराम, ननका, जमाल, नान्हू, नथई, अब्दुल अजीज, महावीर, अय्यूब, मेहीलाल व सलाहुद्दीन आदि ने बताया कि राप्ती माइनर नहर में लगे फाटक को समय रहते नहीं खोला गया। इससे पानी का दबाव बढ़ता चला गया और आखिरकार नहर का तटबंध टूट गया। देखते ही देखते करीब 100 एकड़ से अधिक खेत जलमग्न हो गए। खेतों में खड़ी गेहूं, लाही, मसूर, चना और मटर की फसलें पूरी तरह डूब गईं। किसानों की पूरे साल की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई।
खेतों में पानी भरने से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसान अपने खेतों की ओर दौड़ते नजर आए, लेकिन पानी का तेज बहाव रोक पाना संभव नहीं था। ग्रामीण गोपाल तिवारी, ओमप्रकाश, जयप्रकाश, सोहनलाल, हरीराम यादव व तिलकराम सहित अन्य किसानों ने नहर विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते फाटक खोल दिया जाता तो पानी का दबाव नियंत्रित रहता और नहर टूटने से बच जाती।
किसानों का आरोप है कि घटना की जानकारी विभागीय कर्मचारियों को दी गई थी, बावजूद इसके कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। हर साल किसी न किसी तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही के चलते किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है, लेकिन जिम्मेदारों पर कभी कार्रवाई नहीं होती।
बार-बार किसानों पर भारी पड़ती लापरवाही
-क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी नहरों की समय पर निगरानी न होने और फाटकों के संचालन में लापरवाही के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। बुधवार को रेहरा बाजार ब्लॉक के ग्राम विशुनपुर खरहना के मजरे हनुमानपुरवा के पास इटवा रजवाहा नहर कट गई थी, जिससे करीब 250 बीघे फसल बर्बाद हो गई थी। फसल नुकसान के बाद जांच के आदेश तो दिए जाते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। परिणामस्वरूप बार-बार किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।
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लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही राजस्व और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया है। फसल नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। दोषियों की लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार जयंत, एसडीएम तुलसीपुर