बलरामपुर। जिले में कड़ाके की ठंड का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार को अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह और शाम गलन और दिनभर सर्द हवा ने लोगों को परेशान किया। दोपहर में धूप निकलने से लोगों को कुछ देर राहत मिली। ठंड का सबसे ज्यादा असर रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों, रिक्शा चालकों, ठेला-पटरी कारोबारियों और खेतों में काम करने वाले श्रमिकों पर हो रहा है।
बस स्टैंड के पास मजदूरी का इंतजार कर रहे श्रमिक रामसहाय यादव ने बताया कि सुबह हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं, जिससे काम पकड़ने में देर हो जाती है। कई बार ठंड की वजह से ठेकेदार काम पर ही नहीं बुलाते, जिससे रोजी-रोटी प्रभावित होती है। ई-रिक्शा चालक इमरान अली ने कहा कि ठंड में सवारी कम निकलती हैं और लंबे समय तक सड़क पर खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है।
फल का ठेला लगाने वाले संजय ने बताया कि ठंड में ग्राहक कम आते हैं। शाम होते ही ठंड बढ़ जाती है, इसलिए जल्दी दुकान समेटनी पड़ती है। समय से न बिकने के कारण फल खराब होने लगते हैं। खेत में काम करने वाले मजदूर श्यामलाल का कहना है कि ठंड के कारण खेतों में पानी लगाना और निराई करना बेहद कठिन हो गया है।
छोटे कारोबारियों की बढ़ी चिंता
ठंड का सीधा असर छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। चाय दुकानदार रमेश ने बताया कि सुबह ग्राहक बहुत कम आते हैं, जबकि शाम को ठंड के कारण लोग जल्दी घर लौट जाते हैं, जिससे बिक्री घट जाती है। सब्जी और फल विक्रेताओं को माल खराब होने की समस्या झेलनी पड़ रही है। कई दुकानदारों को बिजली हीटर और अलाव की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे खर्च बढ़ गया है, लेकिन आमदनी उस अनुपात में नहीं बढ़ पा रही है।
बढ़ रही बीमारियां
जिला मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि सर्दी-खांसी, बुखार, सांस और जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा और ठंडे पानी से बचें। सुबह-शाम खुले में व्यायाम या अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बृहस्पतिवार को 457 मरीज मेमोरियल अस्पताल पहुंचे जिसमें से 195 मरीज मौसम जनित बीमारी से पीड़ित थे।