बलरामपुर। परिषदीय व केजीबीवी के 1.48 लाख छात्र-छात्राओं के पढ़ाई में कौशल की पहचान की जाएगी। लर्निंग आउटकम्स की परीक्षा से छात्र-छात्राओं में विषयवार उपलब्धियों का आकलन किया जाएगा। कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं को लर्निंग आउटकम्स परीक्षा में शामिल किया जाएगा। जिले के 2221 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व 11 केजीबीवी में 19 फरवरी को लर्निंग आउटकम्स की परीक्षा कराई जाएगी।
डीसी निरंकार पांडेय ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान के निर्देश पर 19 फरवरी को 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों और 11 केजीबीवी में 1,47,625 छात्र-छात्राओं की प्रात: 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक होने वाली लर्निंग आउटकम्स परीक्षा कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्राथमिक में कक्षा तीन से पांच तक 1,07, 250 व उच्च प्राथमिक में कक्षा छह से आठ तक 40,375 और 11 केजीबीवी में 1100 छात्र-छात्राओं को लर्निंग आउटकम्स परीक्षा में शामिल किया जाएगा। कक्षा तीन से आठ तक के सभी छात्र-छात्राओं के पढ़ाई में कौशल की पहचान करने के लिए लर्निंग आउटकम की परीक्षा कराई जा रही है। कक्षा तीन से पांच तक छात्र-छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी, गणित व हमारा परिवेश और कक्षा छह से आठ तक छात्र-छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान व सामाजिक अध्ययन की परीक्षा देनी होगी।
निदेशक ने बीएसए, जिला समन्वयक, बीईओ, हेडमास्टरों और शिक्षकों के दायित्वों का बंटवारा कर दिया है। बीएसए के स्तर से दो शिक्षा क्षेत्रों के 10 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करके सुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने की जिम्मेदारी होगी। जिला समन्वयक अधिकारियों से समन्वय बनाकर राज्य परियोजना कार्यालय को सूचनाएं उपलब्ध कराएंगे।
जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ सुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराएंगे। हेडमास्टरों व शिक्षकों को नकलविहीन परीक्षा कराने का निर्देश दिया गया है। निदेशालय ने छात्र-छात्राओं के कौशल की पहचान के लिए लर्निंग आउटकम्स परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
बीएसए महेंद्र कुमार कन्नौजिया ने बताया किलर्निंग आउटकम्स परीक्षा के लिए उड़ाका दल गठित कर दिया गया है। डीसी डॉ. अनूप श्रीवास्तव, आभा त्रिपाठी, निरंकार पांडेय, एनके सिंह व फिरोज अहमद खां का उड़ाका दल परीक्षा की निगरानी करेगा।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि लर्निंग आउटकम्स परीक्षा कराने के लिए मजिस्ट्रेटों व फ्लांइग बैच तैनात कर दिया गया है। तीनों तहसीलों के एसडीएम को जोनल व सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ को सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। डायट प्राचार्य विष्णु श्याम द्विवेदी के साथ डायट के सभी प्रवक्ता, डीआईओएस, बीएसए व बीईओ को दो-दो सहयोगियों के साथ फलांइग बैच का गठन करने का निर्देश दिया गया है।