नगरा। कस्बा निवासी अपहृत मेडिकल छात्र शुक्रवार की रात नासिक हाईवे पर अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त हो गया। नासिक पुलिस ने छात्र के परिजनों को सूचना दी गई तो घर में तीन दिनों से पसरा सन्नाटा खुशी में बदल गई। उधर जानकारी होने पर छात्र के रिश्तेदार मुंबई से नासिक पहुंच गए है।
नगरा कस्बा निवासी जब्बार खान का छोटा लड़का महताब लखनऊ विश्वविद्यालय में मेडिकल का छात्र है। छह नवम्बर की सायंकाल ट्रेन पकड़ कर लखनऊ जा रहा था। इसी बीच महताब के परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो घंटी जाने के बावजूद कोई फोन रिसीव नहीं कर रहा था जिससे घर वाले परेशान हो उठे और लगातार फोन करने के बावजूद भी कोई जवाब नहीं मिला। सात नवम्बर को छात्र के पिता ने पुलिस को अपहरण के आशंका की तहरीर दी। पुलिस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल में जुट गई। उधर अपहर्ता छात्र को स्कार्पियो में लेकर जा रहे थे कि नासिक टोल टैक्स पर वाहन जाम लगा था। इसी बीच अपहर्ताओं में एक अपहर्ता टोल टैक्स देने चला गया और दो लघुशंका के लिए चले गए। मौका पाकर अपहृत छात्र गाड़ी से नीचे उतर गया और भागने का प्रयास किया। हाथ बंधे चड्ढी-बनियान पर छात्र को भागते देख वहा लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। वहा मौजूद पुलिस छात्र को अपने साथ थाने ले गई। छात्र द्वारा बताएं नंबर पर नासिक पुलिस ने परिजनों तथा नगरा पुलिस को सूचना दी तो घर में खुशी का माहौल छा गया। छात्र ने बताया कि देवरिया, गोरखपुर के बीच मुझे बेहोश कर ट्रेन से उतार लिया गया था। सुबह जब होश आया तो अपने दोस्तों को बताया तथा घर मैसेज किया। अभी छात्र के अपहरण का कारण नहीं मालूम हो पाया है। पुलिस छात्र के घर पहुंचने का इंतजार कर रही है।