बैरिया। खादी और ग्रामोद्योग आयोग से संचालित ग्रामीण प्रौद्योगिकी केंद्र जयप्रकाशनगर की ओर से तहसील क्षेत्र के सैकड़ों युवा प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। युवाओं को अगरबत्ती, पत्तल, गिलास, वेस्टवुड, सिलाई का प्रशिक्षण देने के साथ ही मार्केटिंग के सम्बंध में टिप्स दिए जा रहे हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए करीब डेढ़ करोड़ का निशुल्क उपकरण वितरण किया गया है।
ग्रामीण प्रौद्योगिकी केंद्र जयप्रकाश नगर के व्यवस्थापक अशोक सिंह ने बताया कि सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से जयप्रकाश नगर में प्रौद्योगिकी केंद्र का संचालन कर बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों की प्रक्षिक्षण दिया जाता है। उन्हें खादी ग्रामोद्योग से सर्टिफिकेट भी दिया जाता है। यही नहीं प्रशिक्षण के बाद इसी वर्ष जुलाई में 20 छात्र-छात्राओं को निशुल्क अगरबत्ती बनाने वाली इलेक्टि्रक मशीन, हाथ से अगरबत्ती बनाने वाली 20 मशीन दी गई। दया छपरा में स्वयं सहायता समूह के बीसी सखी को पत्तल-गिलास बनाने की प्रशिक्षण देकर दो मशीन, लकड़ी का खिलौना बनाने के लिए उडेंटवाज मशीन 20 लोगों को निशुल्क दी गई है। यही नहीं, खराब लकड़ी को उपयोग में लाने के लिए वेस्टवुड मशीन 20 लोगों को दी गई है। उससे वह खराब लकड़ी से बासुरी, लकड़ी की कटोरी, साबुनदानी बना रहे हैं। कई तरह का प्रशिक्षण देकर सैकड़ों बेरोजगारों को स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनाया गया है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की विभिन्न तरह की मशीनें निशुल्क वितरण कर उन्हें रोजगार करने का अवसर दिया गया है।