शांति की जिंदगी में एक हफ्ते में जितने उतार-चढ़ाव आए हैं उनके बारे में शायद ही उसने कभी कल्पना की होगी। उसने सोचा भी नहीं होगा कि उसकी शादी की खुशियों की उम्र महज दो दिन होगी। लेकिन कहते हैं न कि जिंदगी अगर एक हाथ से कुछ लेती है तो दूसरी हाथ से कुछ देती भी है।
पति को खोने का गम और आंसुओं के सैलाब ने उसके ससुर परमेश्वर पासवान को ऐसा द्रवित किया कि उसने अपने छोटे बेटे के साथ बहु शांति की शादी का फैसला कर लिया। उसने कहा कि अगर शांति ने इतनी हिम्मत दिखाई है तो उसके साथ किस्मत जरूर धोखा कर सकती है, मैं नहीं!
थाना क्षेत्र के छाता गांव में सागरपाली निवासी शांति के साथ गांव के प्रकाश पुत्र परमेश्वर के साथ 30 मई को शादी तय हुई थी। लेकिन शादी के 20 दिन पूर्व प्रकाश लकवाग्रस्त हो गया था। नौबत शादी टूटने तक की आ गई थी। लेकिन शांति ने अपने घरवालों के विरोध के बाद भी 30 मई को प्रकाश से शादी की।
लेकिन नियति तो कुछ और ही थी, शादी के दो दिन बाद ही प्रकाश की सांसों की डोर टूट गई। दोनों परिवारों में अभी रूद्रन-क्रंदन का क्रम जारी है। शांति किस्मत की इस मार से बदहवास हो गई। इसे देख अबकी ससुर परमेश्वर पासवान ने कदम बढ़ाया और एक बड़ा फैसला लिया कि शांति दुबारा सुहागन बनेगी।
बड़ी बहु न तो छोटी ही सही। इसके लिए उसकी शादीअपने छोेटे बेटे जय प्रकाश छोटू से करने का फैसला किया है जो खेती बाड़ी का काम देखता है।