बलिया। पकड़ी थाना क्षेत्र के मुजही गांव निवासी कोमल 20 अक्तूबर की रात घर से लैपटॉप देने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन पांच दिन बाद गाजीपुर में उसका शव मिला।
गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में चकतरफिया गांव के सामने 25 अक्तूबर को मछुआरों को गंगा नदी में एक लावारिस ट्रॉली बैग तैरता दिखाई दिया। बैग खोलने पर उसमें युवती का शव मिला। शव के गले में रस्सी बंधी होने की बात भी सामने आई। मामले में हत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने 28 अक्तूबर को गाजीपुर के पोस्टमार्टम हाउस में कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। पकड़ी पुलिस ने शव मिलने की जानकारी परिजनों को दी। 28 अक्तूबर को कपड़ों के आधार पर शव की पहचान बलिया की 19 वर्षीय कोमल के रूप में हुई, जिसका उपनाम काजल गोंड था।
मामले में पकड़ी थाना क्षेत्र के मुजही गांव निवासी नीतू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 19 वर्षीय बहन कोमल 20 अक्तूबर की रात करीब नौ बजे मोहल्ले के निवासी भानु प्रताप तिवारी के घर लैपटॉप देने गई थी। इसके बाद वह नहीं लौटी। पकड़ी के एसओ मिथिलेश कुमार ने बताया कि कोमल के लापता होने की शिकायत उसकी बहन नीतू ने थी। प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी। इस बीच पता चला है कि युवती की लाश गाजीपुर में मिली है। परिजनों ने उसकी पहचान कर ली है। आगे तहरीर के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।