बलिया। बैरिया तहसील में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के पुत्र हजारी सिंह और रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम राम के बीच हुई मारपीट के मामले ने विधायक के पुत्र पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज कलेक्ट्रेट कर्मचारियों के साथ ही सभी तहसीलों के कर्मचारी बृहस्पतिवार से हड़ताल पर चले गए। जबकि बैरिया तहसील में एक सप्ताह से कामकाज ठप है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जबतक विधायक के पुत्र पुत्र की गिरफ्तारी नहीं होती है, तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कलेक्ट्रेट और तहसील कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
कलेक्ट्रेट में आयोजित धरने में उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि जब तक बैरिया के विधायक सुरेेंद्र सिंह के पुत्र को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा यह आंदोलन जारी रहेगा। विधायक के लोगों द्वारा कई बार कर्मचारियों के साथ मारपीट की जा चुकी है और अब समझौते की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने विधायक पुत्र व उनके सहयोगियों को गिरफ्तार करने, बैरिया थानाध्यक्ष का स्थानांतरण करने और रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम पर फर्जी मुकदमा वापस लेने की मांग की। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की अध्यक्ष सत्या सिंह, राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय कुमार यादव ने उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ को समर्थन देने की घोषणा की। धरने के दौरान कर्मचारी नेता स्व. बलवंत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर राम पूजन, श्रीराम सरगम, सुशील त्रिपाठी, अक्षयवर नाथ पांडेय, वेद प्रकाश पांडेय, अनुग्रह नारायण सिंह, लाल बाबू यादव, पूर्णमासी खरवार, विजेंद्र सिंह, अश्वनी तिवारी, भूपेंद्र तिवारी, अजय सिंह, अखिलेश, हरिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रणजीत सिंह एवं संचालन बृजबिहारी सिंह ने किया।
उधर, जिला मुख्यालय से निर्देश मिलते ही जिले के रसड़ा, बांसडीह, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड और सदर तहसील के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारी से मारपीटर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय पुलिस उन्हें बचाने के फेर में लगी है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते और कर्मचारी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं होता उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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बैरिया में सात दिनों से काम ठप, आम लोग परेशान
बैरिया। रजिस्ट्रार कानूनगों व बैरिया विधायक के पुत्र के बीच हुए विवाद में कार्रवाई की मांग को लेकर बैरिया तहसील में सात दिनों से हड़ताल है जिसके चलते आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। तहसील के सभी दफ्तरों, कार्यालयों व न्यायालयों के दरवाजों पर गुरुवार को भी ताला लटका रहा। तहसील में पहुंचे फरियादियों को मायूस लौटना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण छात्र-छात्राओं से लेकर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के लिए दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। बैरिया एसडीएम अशोक चौधरी बृहस्पतिवार को एक बार फिर हड़ताल खत्म कराने के लिए जिला मुख्यालय कर्मचारियों के बीच पहुंचे, लेकिन तीन बजे तक कर्मचारी संघ द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया था। इस बाबत कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के महामंत्री बृजबिहारी सिंह ने बताया कि जब तक हमारी तीनों मांगे पूरी नहीं की जाती हैं हमारा आंदोलन चलता रहेगा।
-रजिस्ट्रार कानूनगो ने दिया धरना
बांसडीह। जिला रजिस्ट्रार कानूनगो संघ के जिलाध्यक्ष अक्षयबर पांडेय के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के क्रम में बांसडीह तहसील के रजिस्टार कानूनगो कर्मचारी अनिश्चितकालीन के लिए हड़ताल पर चले गए। पांडेय ने बताया कि जब तक अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अनवरत धरना चलता रहेगा। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर पर प्रदर्शन भी किया।