निजीकरण के खिलाफ धरने पर बैठे विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते अधिशासी अभियंता अर्जुन राम।
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बिजली महकमे के निजीकरण प्रक्रिया के विरोध में सोमवार को अधिकारियों के साथ विद्युत कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता के कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यालय कार्य का बहिष्कार करते हुए विद्युत आपूर्ति भी ठप कर दी थी। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान रहे।
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक वीवी सिंह ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बिजली व्यवस्था ठप रही। चेताया कि यदि सरकार निजीकरण के फैसले पर पुन: विचार नहीं किया तो आंदोलन चलता रहेगा। व्यवसायी, समाजसेवी सहित विभिन्न संगठन भी शाामिल हुए।
अधिशासी अभियंता चतुर्थ अर्जुन राम और हरिशंकर ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करना चाहती है निजी हाथों में बिजली सौंपकर औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इस मौके पर प्रमोद कुमार राय, अनिल कुमार मल्ल, सत्यप्रकाश सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, वीरबहादुर सिंह, आनंद श्रीवास्तव, धनंजय कुमार, संतोष कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन संतोष कुमार सिंह ने किया। उधर, सुबह से शाम तक बिजली ठप रहने से लोग बेहाल हो उठे। विद्युत चालित उद्योग ठप हो गए तो वहीं गर्मी से लाेग बेहाल रहे। इलाकों में पानी की आपूर्ति भी ठप रही।