बलिया। मनरेगा के तहत काम देने के नाम पर गांवों में कागजी खानापूर्ति की जा रही है। मजदूरों के नाम से मस्टर रोल तो जारी किया गया लेकिन बरसात के कारण काम नहीं होने पर उसे फिर निरस्त कर दिया गया। डेढ़ माह में 5200 मस्टररोल निरस्त कि गए हैं। मस्टर रोल जारी करने के बाद उसे काम के तौर पर गिनती कर कोरम किया जा रहा है।
बरसात के कारण मनरेगा का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। हालांकि इस दौरान भी गांवों में मनरेगा काम के नाम पर खेल शुरू हो गया है। बताया जाता है कि शासन की ओर से गांवों में अधिक से अधिक मनरेगा कार्य कराने पर जोर दिया गया है ताकि कोरोना काल में मजदूरों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े। इसको देखते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य की मांग कर मस्टर रोल जारी करा दिया जाता है। लेकिन बरसात के कारण मिट्टी कार्य नहीं होने के कारण कुछ दिनों बाद फिर मस्टर रोल को निरस्त कर दिया जाता है। इसकी आड़ में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव अपनी गर्दन बचाने का काम कर रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते डेढ़ माह में करीब 5200 मस्टर रोल को मजदूरों की शून्य उपस्थिति के कारण निरस्त करना पड़ा है। हालांकि प्रभारी उपायुक्त मनरेगा व डीआरडीए के पीडी डीएन दुबे का कहना है कि मिट्टी कार्य के अलावा व्यक्तिगत आवास निर्माण, सोख्ता निर्माण आदि पक्का कार्य चल रहा है। बरसात बंद होने के बाद ही मिट्टी का कार्य कराया जाएगा।