बलिया। एनएच-31 के पुननिर्माण की उम्मीद जग गई है। इसको लेकर एनएचएआई ने कवायद तेज कर दी है। 117 करोड़ के टेंडर की प्रक्रिया पूूरी हो चुकी है। विभाग ने तीन पैकेज में तीन कार्यदायी संस्थाओं को कार्य आवंटित किया है। एक सप्ताह के अंदर तीनों प्वाइंट का कार्य शुरू हो जाएगा। कार्य को पूरा करने के लिए छह माह की समय सीमा निर्धारित की गई है।
पिछले सात वर्षों से एनएच-31 की दशा बेहाल है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जून 2020 में गाजीपुर से मांझी तक 102 करोड़ का टेंडर हुआ। इसे जयपुर की कंपनी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर को आवंटित किया गया था। कार्य पूर्ण करने की अवधि एक साल थी। करीब एक साल बाद बैरिया से मांझी घाट तक के लिए कार्य शुरू हुआ भी, लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। बैरिया में करीब 20 किमी की दूूरी में मरम्मत कार्य कराया गया, लेकिन वह भी मानक पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारियों ने एजेंसी को टर्मिनेट कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरु की जिसे पूरा कर लिया है। इस बार विभाग गाजीपुर से मांझी घाट तक की दूरी को तीन भाग में बांटा गया है। गाजीपुर से फेफना तक 60 किलोमीटर, फेफना से चिरैयामोड़ तक 45 किलोमीटर और चिरैया मोड़ से मांझी के जयप्रभा सेतु तक 16 किलोमीटर के कार्य को अलग-अलग तीन एजेंसियों को आवंटित किया गया है। एनएचएआई के पीडी ने बताया कि एक सप्ताह में कार्य शुरु करने का निर्देश दिया गया है और कार्य पूरा करने की समय सीमा छह माह निर्धारित की गई है।
सांसद मस्त ने बताया कि गाजीपुर से फेफना तक 60 किमी का कार्य एसआरएससी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, फेफना से चिरैया मोड़ तक 45 किलोमीटर महादेव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड तथा चिरैया मोड़ से मांझी घाट जयप्रभा सेतु तक 16 किलोमीटर जगदंबा इंटरप्राइजेज को एनएचएआई ने आवंटित किया है। बताया कि शीघ्र कार्य कराने के लिए ही एनएच-31 के मरम्मतीकरण के लिए तीन कंपनियों को लगाया गया है।
एनएच 31 के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीन एजेंसियों को कार्य आवंटित किया गया है। सभी एजेंसियों को एक सप्ताह में कार्य शुरु करने का निर्देश दिया गया है।
- प्रदीप कुमार, पीडी, एनएचएआई, आजमगढ।