नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर परिसर में गणेश चतुर्थी व्रत कथा सुनती व्रती महिलाएं।संवाद
बलिया। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सोमवार को नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत रखा। पुत्र की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से महिलाओं ने दिनभर उपवास किया। कई महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर शाम तक भगवान गणेश की आराधना की। वहीं कुंवारी कन्याओं ने भाई की दीर्घायु के लिए बहुला व्रत रखा।
शाम को महिलाओं ने स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद भृगु मंदिर, बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर, काली मंदिर, हनुमानगढ़ी समेत ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में महिलाओं ने संकष्टी गणेश चतुर्थी की कथा सुनी और प्रसाद ग्रहण किया। पूजा के दौरान महिलाओं ने भगवान गणेश के समक्ष व्रत का संकल्प दोहराते हुए पुत्रों की दीर्घायु, परिवार के सुखमय जीवन और समृद्धि की कामना की।
बालेश्वर मंदिर के आचार्य पंडित रोहित गिरि ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इस दिन चंद्र दर्शन और पूजन का भी विशेष महत्व है। सुबह स्नान के बाद महिलाओं ने व्रत शुरू किया और शाम को पुन: स्नान कर पूजा-अर्चना के बाद कथा श्रवण किया। इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया।