टीडी कालेज चौराहें के पास धरने पर बैठी महिला को थाने ले जाती पुलिस।
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बलिया। न्याय के लिए विवाहिता ने मंगलवार अपने दो मासूम बच्चों को लोहे की जंजीरों में कैद कर टीडी कॉलेज चौराहे पर धरने पर बैठ गई। तपती धूप में रोते बिलखते बच्चों को जिसने भी देखा वो सहम उठा। मौके पर पहुंची पुलिस ने भारी मशक्क्त के बाद मासूमो को जंजीर से आजाद कर पीड़ित महिला को महिला कोतवाली पहुंचाया।
पीड़ित महिला की मानें तो जून 2016 में सुखपुरा थाना क्षेत्र के धरहरा गांव में मेरी शादी बृजेश यादव से हुई। शादी के बाद दो बच्चे भी पैदा हुए।
उसके बाद मेरा पति दो माह पहले मुझे अपने दोस्त के साथ ट्रेन से बलिया भेजा जहां यात्रा के दौरान उसका दोस्त मुझे मुगलसराय स्टेशन पर छोड़ कर भाग गया। तब से न्याय के लिए मैंने जिलाधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक गुहार लगाई यहां तक कि मुख्यमंत्री के पास भी जनता दरबार में गई। लेकिन वहां से मुझे महिला संग्रहालय भेज दिया गया। अब मैं इन बच्चों को लेकर कहां जाऊ। महिला दोनों बच्चों को जंजीर से बांध कर टीडी कॉलेज चौराहे पर बैठ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला व बच्चों को लेकर कोतवाली गई।