ऐतिहासिक ददरी मेला पूरे शबाब में है। अब हर दिन संडे का मेला जैसा ही लग रहा। मेले में आई महिलाओं में खरीदारी को लेकर होड़ देखने को मिला। वहीं बढ़ रहे ठंड और कोहरे के बाद लोगों ने मेले में ऊनी वस्त्र, शाल आदि की खरीददारी की।
मेले में कही ऊनी तो कहीं महिलाओं के सजावटी सामानों के लिए भीड़ देखने लायक रही। हर कोई सस्ता और अच्छा खरीदने के लिए इधर-उधर भागता नजर आया। मेले में पैर रखने तक की जगह नहीं रही।
गुरुवार की सुबह में मौसम का मिजाज गड़बड़ होने के बाद भी मेलार्थियों की भीड़ में कोई कमी देखने को नहीं मिली। अधिकांश दुकानों पर महिलाओं तथा बच्चों का जमावड़ा देखने को मिला।
पंचायत चुनाव बीतने के बाद एक सप्ताह और ददरी मेला का मीना बाजार चलने वाला है। ऐसे में चुनाव से निवृत्त होने के बाद अधिकांश परिवार के लोग मेले की ओर ही रुख कर दिए है। मेले में महिलाओं की टोली अधिकांश ऊनी वस्त्रों के दूकानों पर अधिक दिख रही थी।
चाहे वह बच्चों के लिए हो या बुजुर्गों के लिए। हर तरफ बस एक ही बात, ठंडा में फिक्स रेट पर खरीद लो चाची, दीदी...। मेला लगने के बाद हर वर्ष गैर जनपदों से आए दूकानदार कम बिक्री को लेकर थोड़ा मायूस तो दिखते हैं, लेकिन जैसे-जैसे मेला समाप्त होने लगता है लोगों की भीड़ बढ़ने लगती है।
इस समय चार दिनों से ठंड पड़ रही है, लेकिन मेला का समय कम होने के कारण पूरे मीना बाजार में लोगों को भीड़ है। वहीं सुरक्षा को लेकर मीना बाजार थाना प्रभारी विवेक पांडेय चक्रमण करते दिख रहे है। चुनाव समाप्त होने के बाद पुलिस भी मेले के लिए भरपूर मात्रा में मिल गई है।
दूकानदारों में अपने-अपने सामानों को बचने की होड़ है। अब मेले के समापन में मात्र पांच दिन का समय रह गया है। जिससे लोग मेले की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित मूक-बधिर विद्यालयों के बच्चों को भी मेला में स्कूल के शिक्षकों ने भ्रमण कराया। इस दौरान पूर्व नपा अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता एवं सभासदों ने मूक बधिरों को जलेबी, खजला आदि खिलाकर मेले का लुत्फ पूरा कराया।