बलिया/जयप्रकाशनगर। शराब दूकानों को लेकर योगी सरकार के फरमान का जनपद में असर नहीं दिख रहा है। द्वाबा में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने मानक को ताक पर रखकर दुकानें स्थापित करा दी है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव जयप्रकाशनगर जहां यूपी-बिहार दोनों सीमा में जेपी के नाम पर बहुत कुछ है।
इसी गांव से कभी समाजवाद की असली खुश्बू निकलनी शुरू हई थी। वर्तमान में तो मोदी सरकार ने इसी क्षेत्र के बिहार सीमा के लाला टोला में न सिर्फ राष्ट्रीय जेपी स्मारक की घोषणा की बल्कि, राष्ट्रीय स्तर पर शोध-अध्ययन, एंव राष्ट्रीय ध्वज निर्माण केंद्र भी खोलने की तैयार की जा रही है। निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहे हैं।
वहीं यूपी की सीमा के जयप्रकाशनगर में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने मानक के विपरीत यहां शराब की दुकान स्थापित करा दिया। आजादी के समय से लेकर आज तक के इतिहास को पलटें तो प्रदेश में चाहे किसी की भी सरकार रही हो आबकारी ने इस बात का ख्याल जरूर रखा कि यह संपूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण का गांव है, लिहाजा यहां शराब की कोई दुकान स्थापित नहीं की जा सकती।
लेकिन योगी सरकार में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने इस गांव में शराब की दुकान को स्थापित करा दिया। बताया जाता है कि रामगढ़ में चलने वाली दुकान को कुछ माफियाओें से मिलीभगत कर आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बैजू टोला सिताबदियारा के नाम से आवंटित किया है।
हैरानी की बात है बैजू टोला सीमा से सटे बिहार प्रांत में स्थित है। यूपी की सीमा में इस नाम की न तो कोई ग्राम पंचायत है और न गांव या टोला ही है। ऐसे में यह दुकान किस आधार पर स्थापित कराई गई। इसकी शिकायत दर्जनों बार ग्रामीणों ने की लेकिन विभागीय अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।
रामगढ़ में स्थित शराब की दुकान को बैजू टोला सिताबदियारा में स्थापित कराया गया है। दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। - सीके सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, बलिया