बलिया। जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को कोहरे के बीच 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे शीतलहर रही।
मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 18 व न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री कमी दर्ज की गई।
करीब 11 बजे के बाद धूप निकली लेकिन उसका असर कम था। पूरे दिन हवा चलने के कारण धूप व छांव का खेल चलता रहा। दोपहर बाद मौसम में बदलाव हुआ और शीतलहर के चपेट में पूरा जनपद आ गया। बाजारों में रात आठ बजे के बाद सन्नाटा पसर गया। चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर प्रशासन की तरफ से अलाव जलाए गए हैं। सुबह हल्के कोहरे से दिन की शुरुआत हुई लेकिन सर्द हवाओं से लोगों को न बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। लोगों को न बाहर चैन मिल रहा था और न ही घर के अंदर। घर के अंदर भी ठंड महसूस हो रहा था। लोग ठंड को दूर करने के लिए पूरे दिन आग का सहारा लिया। वैसे अधिकतम व न्यूनतम तापमान में मामूली अंतर दर्ज किया गया।
गलन भरी ठंड में निमोनिया और कोल्ड डायरिया के बढ़े मरीज : जिला महिला अस्पताल स्थित प्रश्नोत्तर केंद्र पर तैनात वरिष्ठ नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे कहा कि इन दिनों अस्पताल में निमोनिया और कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। निमोनिया में शिशुओं को बुखार, खांसी, सीने में जकड़न/ सांस लेने में तकलीफ होती है। जबकि कोल्ड डायरिया में शिशुओं को बुखार, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द एवं निर्जलीकरण होना प्रमुख लक्षण है। बच्चों के अभिभावक को ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेकर ही शिशु का इलाज कराएं। इस समय गलन भरी ठंड में निमोनिया और कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़े हैं।