लोकनायक जयप्रकाश नारायण यदि न होते तो भारत में शायद अब तक लोकतंत्र दम तोड़ चुका होता। उन्होंने इंदिरा गांधी की इमरजेंसी के विरुद्ध 1975 में पूरे देश में आंदोलन छेड़कर डूबते लोकतंत्र को उबारने का काम किया। लोग जेपी को तब तक याद करते रहेंगे, जब तक देश में लोकतंत्र कायम रहेगा।
ये विचार हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के। वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 113वीं जयंती पर यूपी की सीमा से लगे बिहार के लालटोला में रविवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांधी के बाद यदि देश का कोई असली नेता था तो वह थे लोकनायक जयप्रकाश नारायण।
उन्होंने खतरे में पड़े लोकतंत्र की रक्षा के लिए पटना के गांधी मैदान से जो आंदोलन छेड़ा, उसे देश की जनता ने हाथों-हाथ लिया। जेपी ने संपूर्ण क्रांति का नारा देते हुए कहा था कि इस आंदोलन का मूल उद्देश्य भारतीय लोकतंत्र को वास्तविक और सुदृढ़ बनाना, जनता का सच्चा राज कायम करना, समाज से अन्याय, शोषण और अत्याचार का अंत करना, नैतिक, शिक्षित और खुशहाल भारत का निर्माण करना था।
उन्होंने कहा कि जेपी ने संपूर्ण क्रांति का नारा गद्दी और सत्ता हथियाने के लिए नहीं बल्कि मजबूत लोकतंत्र के लिए दिया था ताकि भारत के हर नागरिक को उसका अधिकार मिल सके। जेपी ने देश से कुछ नहीं लिया, बल्कि उनका जन्म देश को सब कुछ देने के लिए हुआ था।
उन्होंने अपना पूरा जीवन ही देश को समर्पित कर दिया, लेकिन उनके अनुयायी होने के बाद भी लालू और नीतीश ने संपूर्ण क्रांति के उद्देश्य को भुलाकर सत्ता को ही अपना उद्देश्य बना लिया है। उन्हें इतना भी याद नहीं रहा कि कम से कम जयंती पर तो जेपी के पैतृक गांव पहुंचकर माल्यार्पण कर दें। समारोह को केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, अनंत कुमार, सांसद भरत सिंह, भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह, भाजपा के लोकसभा के मुख्य सचेतक अर्जुन मेघाल, फेफना के विधायक उपेंद्र तिवारी, भाजपा नेता अवलेश सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
रूड़ी को दिखाया काला झंडा, की नारेबाजी : बिहार के लालटोला में जेपी के जयंती कार्यक्रम में उस समय लोग अवाक रह गए, जब कुछ युवकों ने भाषण के दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी को काला झंडा दिखाकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। पुलिस और वहां मौजूद लोगों ने युवकों को समझा-बुझाकर हटा दिया। लोगों की माने तो काला झंडा दिखाने वाले भाजपा के ही थे। वे अपने चहेते नेता को टिकट न मिलने से नाराज थे।