बलिया। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान जिले में 44.66 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में वन विभाग के साथ ही अन्य विभागों को पौधरोपण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनरेगा से जिले के सभी ग्राम पंचायतों में गड्ढे तैयार किए जाएंगे। वन विभाग और शहरी इलाके में नगर निकायों के ईओ गड्ढे तैयार कराएंगे। पौधों के रख-रखाव के लिए जीओ टैगिंग कराना अनिवार्य है। पौधरोपण में छायादार व फलदार पौधों के साथ-साथ बेशकीमती लकड़ियों वाले पौधों का चयन किया जाएगा। निर्धारित तिथियों में पौधरोपण कराने का अभियान चलाया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले को हरा भरा बनाने के लिए पौधरोपण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी विभागों के अधिकारियों को लक्ष्य आवंटित करके जिम्मेदारी सौंप दी गई है। वन विभाग को 16.68 लाख, ग्राम्य विकास विभाग को 16.68 लाख, पंचायती राज विभाग को 2.27 लाख, नगर विकास विभाग को 20300, लोक निर्माण विबाग को 50 हजार, जलशक्ति विभाग को 50 हजार, कृषि विभाग को 3.50 लाख, पशुुपालन विभाग को 7700, उद्योग विभाग को 6860, उर्जा विभाग को 6160, माध्यमिक शिक्षा विभाग को 53600, बेसिक शिक्षा विभाग को 38600, प्राविधिक शिक्षा विभाग को 5320, उच्च शिक्षा विभाग को 35300, स्वास्थ्य विबाग को 11620. रेल विभाग को 24220, उद्यान विभाग को 2.36 लाख, गृह विभाग को 5600 पौधे रोपित करने हैं।
पौधरोपण में आम, आंवला, अमरुद, सहजन, शीशम, सागौन, साखू, बरगद, पीपल व जामुन सहित छायादार, फलदार व जड़ी-बूंटियों वाले पौधे प्रयोग किए जाएंगे। जिले के सभी ग्राम पंचातयों में मनरेगा योजना से गड्ढे तैयार कराए जाएंगे। वन विभाग की ओर से लगभग 10 लाख गड्ढे तैयार कर लेने का दावा किया गया है।
सभी को सौंपी गई जिम्मेदारी
डीएफओ श्रद्धा यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में पौधरोपण कराने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। जिले में करीब 44.66 लाख छायादार, फलदार व जड़ी-बूटियों वाले पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले को हरा भरा बनाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पौधरोपण शुरू होने से पहले गड्ढे तैयार कराने का निर्देश दिया गया है। वन विभाग को सभी प्रकार के पौधे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। पौधों की सुरक्षा के लिए जीओ टैगिंग कराना अनिवार्य कर दिया गया है।