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समाज सेवा करने वाले ही जब जमीन कब्जा करे तो पीड़ित कहां गुहार लगाएगा: सुरेंद्र

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बैरिया। समाज सेवा के लिए राजनीति में आए लोग अगर दूसरे की जमीन कब्जाने लगें तो पीडि़त कहां जाएगा, किससे गुहार लगाएगा। यह स्थित चिंताजनक है, इसकी जितनी निंदा की जाय कम होगा। अगर इस पर रोक नहीं लगी तो वे अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। ये बातें बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने बैरिया डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
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उन्होंने कहा कि कोरोना बाद अनशन पर बैठने की चेतावनी देते हुए कहा सरकारी महकमा सावधान हो जाय और ऐसे लोगों को सद्बुद्धि प्राप्त हो। सुदिष्ट बाबा के मेले की जमीन का मामला मेरे लिए मुख्य मुद्दा होगा। कहा कि द्वाबा में राजस्व संहिता के अलावा एक और संहिता चल रही है। जिसके तहत भू-माफिया किसी की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। मैं ऐसे लोगों का नाम अपनी जुबान से नहीं लेना चाहता, लेकिन यह संदेश जनता के बीच देना चाहता हूं कि मेरे विधायकी का कार्यकाल अभी दो वर्ष है और जब तक मैं विधायक हूं किसी गरीब को, चाहे वह किसी जाति-धर्म का हो, उसकी रक्षा करूंगा। आगे कोई जरूरी नहीं है कि मैं चुनाव लड़ूं, विधायक बनूं, क्योंकि जब तक के लिए क्षेत्र की जनता जिम्मंदारी सौंपी है, तब तक पूरे मनोयोग से उनकी रक्षा करूंगा। चाहे इसके लिए मुझे किसी भी हद तक जाना क्यों न पड़े।
विधायक सुरेंद्र सिंह के उपस्थिति में खलीफा पांडेय की पुत्री मोतीसरी देवी ने स्वीकार किया कि मेरे ही परिवार के कुछ लोग फर्जी तरीके से मेरी पैतृक संपत्ति को हड़पना चाहते हैं। मेरी जमीन को अपनी जमीन बताकर पूर्व प्रमुख मुहायदा पर दे दिए हैं। ताकि उनके सामने हम लोग बोल न सकें, लेकिन विधायक का सहयोग प्राप्त है और किसी को भी अपने जीते जी अपनी जमीन पर काबिज नहीं होने देंगे। इस बीच भगवानपुर निवासी रामबाबू यादव जिसने इस जमीन को खलीफा पांडेय के परिजनों से खरीदा था, उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के बाद अपने पूरे परिवार के साथ तब तक डीएम कार्यालय के समक्ष अनशन पर बैठेंगे जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाय।
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