गंगा पार दियरांचल के इलाके में पछुआ हवा से खेत में सूखी परवल की पौध।
एक सप्ताह से लगातार बह रही पछुआ हवा के चलते परवल, तरबूज, ककरी, खीरा, नेनुआ आदि सब्जियों का बड़े पैमाने में नुकसान हुआ है। आलम यह है कि खेती में लगी लागत तक निकलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
दियरांचल में सब्जी की खेती करने वाले किसान पछुआ हवा से परेशान हैं। उमरपुर दियारा सहित अन्य दियारा क्षेत्र में 15000 एकड़ में बोई गई सब्जी व तरबूज की खेती मुर्झाने लगी है। लगातार एक हफ्ते से चल रहे पछुआ हवा ने खेती पर बुरा प्रभाव डाला है।
ऐसे में किसानों की धड़कनें हवा के साथ बढ़ती जा रही है। किसानों की माने तो एक बीघे सब्जी की खेती में करीब 25 से 30 हजार का खर्चा बैठता है। किसान पौधों को जिंदा बचाए रखने के लिए सिंचाई पर कर रहे हैं, लेकिन पौधों में फूल व फल नहीं आ रहे हैं।
कारण तेज गर्मी और पछुआ हवा है। नरहीं क्षेत्र के कोट अंजोरपुर, उमरपुर दियारा तथा शाहपुर बभनौली से लेकर भरौली गंगा तट के दियारे में 15000 एकड़ में दो हजार से अधिक किसान सब्जी व तरबूज की खेती करते हैं।
इस साल जब पैदावार होने का समय आया तो मौसम ने अपना रूख बदला। तापमान बढ़ने के साथ ही पछुआ हवा ने सब्जी किसानों को काफी नुकसान पहुंचा दिया। तेज धूप व पछुआ हवा से फूल व फल नहीं लग पा रहा है। जिससे सब्जी की खेती चौपट हो रही है। किसान कर्ज में डूबने की कगार पर पहुंच गया है। यदि पुरवा हवा नहीं बही तो नुकसान होना तय है।