कलेक्ट्रेट परिसर में मानदेय बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर रसोईयों ने दूसरे दिन भी जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाधिकार के निर्देश पर धरना स्थल पर पहुंचे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने जनपद स्तर की सभी मांगे मान लेने का लिखित आश्वासन दिया।
इसके बावजूद रसोइयां आंदोलन समाप्त न करने की जिद्द पर अड़ी रहीं। रसोइयों का कहना था कि जबतक जिलाधिकारी धरनास्थल पर नहीं पहुंचेंगे, तबतक रसोइयां टीडी कालेज चौराहे पर सड़क जाम जारी रखेंगी। बाद में डीएम के निर्देश पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी खेमपाल सिंह ने अपने स्तर से मांगों के संदर्भ में शासन को पत्र लिखने का भरोसा दिलाया। तब जाकर जाम समाप्त हुआ।
मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के राष्ट्रीय महासचिव रामकृपाल के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में रसोइयाें ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना सभा को संबोधित करते हुए रसोइया फ्रंट रामकृपाल ने कहा कि सूबे की सरकार रसोइयों को रखने में हमेशा कोई न कोई पेंच फंसा रही है।
कहा कि अब तो सरकार के इशारे पर उनका मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। जिससे कि रसोइया अपना काम छोड़ दें और यह कार्य एनजीओ को दे दिया जाया। कहा कि विधवा तथा प्रत्यक्ता को वरीयता तो दिया गया है। शर्त भी रख दिया गया है कि उसका पाल्य भी उसी विद्यालय में पढे़गा।
अब अखिलेश सरकार एमडीएम योजना को एनजीओ के हाथों सौंपने का कुचक्र रच रही है। जिसका हम एकजुट होकर विरोध करेंगे। जिलाध्यक्ष चमेली सिंह ने कहा कि सरकार के नीतियों के चलते इस समय में रसोइया बंधुआ मजदूर से भी बदतर है।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष रीता देवी, जानकी देवी, गीता देवी, रमावती देवी, शिवनाथ, विजेंद्र, आशा देवी, निजामुद्दीन आलम, पुष्पा यादव, सुशीला देवी, विजय कुमार, सीताराम, धर्मशीला, सरिता देवी, फूला देवी, गेंदा देवी आदि मौजूद रहे।