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Ballia News: सिंचाई के लिए समय से नहीं मिल रहा पानी

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बलिया। जिले में नहरों का जाल होने के बाद भी किसानों को समय से पानी नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई विभाग की लापरवाही से नहरों में धूल उड़ रही है। विभाग की तरफ से कुछ दिन पहले ही पोखरों को भरने की योजना थी लेकिन अभी तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। गन्ने व सब्जी की खेती करने वाले किसान निजी नलकूप से सिंचाई करने को विवश हैं। हालांकि सोमवार की रात बारिश से किसानों को कुछ हद तक राहत मिली है। जिले में नहरों की कुल लंबाई लगभग 366 किलोमीटर है, जिसमें 74 किलोमीटर की मुख्य नहर और इससे जुड़ी 50 माइनर नहरें शामिल हैं।
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पंदह: धान की अगेती खेती करने वाले किसानों को खेतों का पलेवा कराने के लिए पानी की जरूरत है पर रजवाहों और माइनरों में पानी ही नहीं है। क्षेत्र के सिकंदरपुर, पंदह और पुर रजवाहा सहित माइनरों में धूल उड़ रही है। इससे किसान परेशान हैं। सांडा विधि से धान की खेती करने के लिए मई के दूसरे सप्ताह से किसान प्रक्रिया में लग जाते हैं। धान के बेहन के लिए मई का महीना सर्वोत्तम माना जाता है। नहरों के आसपास के गांवों के किसानों को बोआई पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। जबकि कुछ किसानों को निजी ट्यूवबेल का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी का स्टेटा डाउन होने से अधिकतर ट्यूबवेल पानी नहीं दे रहे हैं। यह काफी महंगा भी साबित हो रहा है।
तहसील क्षेत्र में करीब 52 किमी लंबाई में रजवाहा और माइनरों का जाल फैला है। सिकंदरपुर, पूर व पंदह रजवाहा से लगभग 5200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। 28.800 किमी लंबे पूर रजवाहा से तेनुही, मंझरिया, फुलवरिया, छतरसड, सोनाडीह, प्रसादपुर, कचिला व बेलही समेत कुल 14 माइनरों में जलापूर्ति की जाती है। जबकि 1832 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई पंदह रजवाहा पर निर्भर है। मरवटिया, पंदह, किकोढ़ा, बरवां, फुलवरिया, महुलानपार, डकीनगंज, एकईल, सरया, सरियांव सहित 19 गांवों के अलावा टंडवा, धनेजा, भीमपुरा और चांडी माईनर से जुड़े किसान भी इसी के सहारे खेती करते हैं। लेकिन समय से रजवाहों और माइनरों में पानी न आने से खेती पिछड़ रही है। क्षेत्रीय किसान चंद्रदेव यादव का कहना है कि जब पानी चाहिए तब सप्लाई नहीं की जाती। नहरों में पानी नहीं आने से धान की बेहन पिछड़ रही है। अजनेरा निवासी किसान अशोक शर्मा ने बताया कि आर्थिक रूप से मजबूत किसान तो निजी ट्यूबवेल से काम कर ले रहे हैं लेकिन छोटे व मंझोले किसानों के सामने समस्या है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि नहरों में पानी के लिए पंप कैनाल को पत्र भेजा गया है। अगले सप्ताह पानी नहरों में मिलने की उम्मीद है।
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