नगरा कस्बा स्थित बदहाल पड़ा अतिथिगृह।संवाद
इंदरपुर। वर्ष 2005 में एक करोड़ की लागत से नगरा में अतिथि गृह का निर्माण हुआ था। इस समय अतिथिगृह अंदर से बदहाल हो गया है। बारिश होने पर छत से पानी टपकता है। अधिकांश पंखे जल गए हैं। गर्मी के कारण कोई भवन में ठहरना नहीं चाहता। हालांकि कभी कभार नेता व अधिकारी आते हैं, लेकिन यहां की बदहाली देख बलिया का रुख कर लेते हैं। जिला पंचायत के अपर मुख्याधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि यह प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं था। तत्काल मरम्मत कराई जाएगी। बाउंड्री का निर्माण भी कराया जाएगा।
क्षेत्र के लोगों के अनुसार, अतिथि गृह का निर्माण जिला पंचायत से कराया गया है। तत्कालीन भाजपा विधायक रामइकबाल सिंह ने इसका लोकार्पण किया था। जब तक वह विधायक रहे तब तक अतिथिगृह की व्यवस्था ठीक थी, लेकिन उनके बाद इसकी व्यवस्था दिन प्रतिदिन बिगड़ती गई। आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने छत की ढलाई के बाद नहला तक नहीं कराया जिसकी वजह से छत से पानी टपकता है। स्थिति यह है कि एक तरफ की बाउंड्री भी ध्वस्त हो चुकी है। अतिथि गृह की देखरेख के लिए एक सफाईकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षक राजबहादुर सिंह अंशू का कहना है कि अतिथिगृह के भवन की मरम्मत जरूरी है। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से इसकी दुर्दशा हुई है। रमायन ठाकुर का कहना है कि जनहित में अतिथि गृह पर ध्यान देना जरूरी है।