बेल्थरारोड में पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत सात साल पहले लाखों से निर्मित पानी टंकी शोपीस बना है। विभागीय लापरवाही के चलते अभी तक आपूर्ति व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। इसके चलते नागरिकों के घर तक पुराने अयोग्य करार दिए जा चुके पानी टंकी से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
नगर पंचायत क्षेत्र में 2007 में पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत जिला पंचायत के डाक बंगले में 850 किलोलीटर क्षमता के पानी टंकी का निर्माण कराया गया। इसके लिए नगर के कुछ भागों में आधा अधूरा भूमिगत पाइप बिछाया गया। डाकबंगला में 450 फीट गहराई की बोरिंग भी हुई लेकिन संबंधित कार्य नहीं कराए गए।
आननफानन में बिना कार्य पूर्ण कराए ही पानी टंकी का लोकार्पण भी कर दिया गया। आज तक इस पानी टंकी से नागरिकों को एक बूंद जल भी नसीब नहीं हुआ। जल निगम ने योजना के तहत अब तक 80 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही।
विभागीय सूत्रों की मानें तो 65.89 लाख रुपये का प्रस्ताव फिर से शासन को भेजा गया है। धन स्वीकृत होने के बाद अधूरा काम पूरा होने के बाद आपूर्ति सुचारु होने की उम्मीद है। नगर में कई दशक से एक पुराने पानी टंकी से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। टंकी को कई साल पहले तकनीकी कारणों से आपूर्ति के लिए अयोग्य करार दिया जा चुका है।
नई टंकी का निर्माण पूर्ण कर नगर पंचायत को हैंड ओवर कर दिया जाता तो शुद्ध पेयजल आपूर्ति का सपना साकार हो जाता। इस संबंध में चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्त ने बताया कि अधूरे काम को पूरा करने के लिए कई बार जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा गया लेकिन अफसर इस दिशा में कोई ठोस कवायद नहीं कर रहे हैं।