जनपद के मालवीय के नाम से विख्यात मुरली मनोहर की 120वीं जयंती बुधवार को टाउन इंटर कालेज के प्रांगण में मनाई गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि जिला जज चिंतामणि तिवारी ने कहा कि मुरली बाबू के व्यक्तित्व को आत्मसात करने की जरूरत है।
उनके द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थानों में कानून एवं तकनीक की भी पढ़ाई होनी चाहिए। इसके लिए टाउन एजुकेशनल सोसाइटी पहल करे। वहीं बेसिक शिक्षामंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि मुरली बाबू ने शिक्षा की जो अलख जगाई थी वह आज भी अतुलनीय है।
जिला जज चिंतामणि तिवारी ने मुरली बाबू के स्मारक पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षामंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि मुरली बाबू पूर्वांचल के गांधी थे। उन्होेंने शिक्षा की जो अलख जगाई थी वह आज भी प्रासंगिक है।
शिक्षा की गुणवत्ता को उच्च स्तर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसी क्रम में प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री नारद राय ने कहा कि मुरली बाबू के कृत्ति को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इस मौके पर स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का स्वागत टीडी कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने किया।
टाउन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अशोक श्रीवास्तव ने सभी शिक्षण संस्थानों के प्रबंध समिति के सदस्यों को माला पहनाकर स्वागत किया। गुलाब देवी महिला महाविद्यालय की छात्रा ने मुरली बाबू के संक्षिप्त जीवन परिचय प्रस्तुत किया।
इस मौके पर जिला जज के अलावे सीजेएम रत्नेशमणि त्रिपाठी, टाउन एजुकेशनल सोसाइटी के कार्यकारिणी अध्यक्ष दयाशंकर श्रीवास्तव, सचिव रामरत्न सिन्हा, टीडी कालेज, इंटर कालेज, पालीटेक्निक, गुलाब देवी महिला महाविद्यालय, गुलाब देवी बालिका इंटर कालेज के प्रबंध समितियों के पदाधिकारी, प्राचार्य, प्रधानाचार्य, शिक्षक तथा कर्मचारियों ने मुरली बाबू की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान सभी शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य एवं प्रधानाचार्यों ने अपनी प्रगति आख्या प्रस्तुत की। अध्यक्षता टाउन एजुकेशनल सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष दयाशंकर श्रीवास्तव एवं संचालन ज्योतिस्वरूप पांडेय ने किया। जयंती समारोह में सुधीर श्रीवास्तव, कमलेश श्रीवास्तव, डा. अनिल मेहता, बाल कृष्ण अग्रवाल, हेमंत श्रीवास्तव, कमलेश सिंह, नलिनेश श्रीवास्तव, अमर कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।