नगर निकाय चुनाव प्रचार के अंतिम दिन शुक्रवार को विभिन्न निकायों में प्रत्याशी और उनके समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों ने रैली जनसभा, नुक्कड़ सभा कर अपनी ताकत का अहसास कराया। चाहे वह राजनीतिक दल का प्रत्याशी हो अथवा निर्दल प्रत्याशी, सभी ने अपनी जीत के लिए मैराथन जनसंपर्क कर लोगों का आशीर्वाद लिया। शाम पांच बजे की समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों ने डोर टू डोर संपर्क कर लोगों से अपने पक्ष में मतदान की अपील की। वहीं प्रचार कर रहे वाहनों से भी लाउडस्पीकर भी उतार लिए गए।
जनपद के दो नगर पालिका और आठ नगर पंचायत में 26 नवंबर को मतदान होना है। इसको लेकर शुक्रवार की शाम पांच बजे चुनावी शोर थम गया। अंतिम दिन होने के चलते सभी प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। प्रत्याशियों ने न सिर्फ नुक्कड़ नाटक और जनसभा की बल्कि अपने समर्थकों के साथ नगर भ्रमण कर प्रतिद्वंद्वियों को अपनी ताकत का अहसास भी करा दिया। दलीय प्रत्याशियों के समर्थन में पार्टी के पदाधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधियों ने जगह-जगह जनसभा की।
वहीं, दूसरी ओर निर्दल प्रत्याशियों ने व्यापारिक व अन्य संगठन के पदाधिकारियों के साथ भ्रमण कर जनता का आशीर्वाद मांगा। प्रत्याशियों के साथ चल रहे उनके समर्थक पंफलेट भी बांटते और समर्थन में नारेबाजी भी करते चल रहे थे। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने चितबड़ागांव, बलिया समेत अन्य नगर पंचायतों में जाकर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील की तो दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, राज्य सभा सदस्य नीरज शेखर ने भी विभिन्न निकायों में जाकर सपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा कर प्रत्याशियों की जीत के लिए मतदाताओं से वोट देने की अपील की। इसी तरह बसपा और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने भी पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में भ्रमण कर आशीर्वाद मांगा। चुनाव प्रचार के दौरान शाम पांच बजते ही प्रत्याशियों के वाहनों से लाउडस्पीकर उतर गए। सभी ने घर-घर जाकर वोट मांगा।