उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रसड़ा चीनी मिल को चलाने की घोषणा के बाद रसड़ा के किसानों एवं कर्मचारियों में खुशियों की लहर दौड़ गई। रसड़ा के चीनी और काटन मिल के बंद होने के बाद रसड़ा क्षेत्र में बेरोजगारी के साथ-साथ किसानों पर भारी संकट आ गया था। लेकिन वित्तीय वर्ष 2018-19 में चीनी मिल को चलाने के लिए मुख्यमंत्री ने 350 करोड़ की धनराशि की स्वीकृत प्रदान की है।
इसके लिए गन्ना विभाग द्वारा कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अलावा 150 मेगावाट का जनरेशन तथा 30 किलोलीटर क्षमता वाले एक एथेनॉल प्लांट लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। रसड़ा चीनी मिल के चालू होने से लगभग 24500 किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद किसानों के घर होली और दीवाली दोनों एक साथ घर पर आ गई।
रसड़ा क्षेत्र के कुरेम गांव निवासी किसान सुरेश चंद वर्मा का कहना है कि हम लोग सपने में भी नहीं सोचा था कि चीनी मिल पुन: चालू होगा। जिसके चलते खेतों में गन्ना बोना छोड़ दिया था। लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हम लोगों के परिवार में खुशियां आ गई। वहीं 15 दिन में गन्ने का भुगतान भी मिलेगा। जिससे किसानों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने सीएम को कोटि-कोटि बधाई दी।
रसड़ा कस्बा के महावीर अखाड़ा निवासी किसान दिनेश सिंह नखड़ू का कहना है कि इतने दिनों के बाद बंद पड़ी रसड़ा चीनी मिल पुन: चालू होने की घोषणा के बाद क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
हम किसान अपने खेतों में गन्ने बोना बंद कर दिए थे। अब हम लोग गन्ना बोने के बाद अपने परिवार का भरण-पोषण आराम से कर सकेंगे। क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री ने 350 करोड़ की लागत से रसड़ा चीनी मिल को चालू कराने की घोषणा की है। इसके लिए मुख्यमंत्री को क्षेत्र के किसानाें की ओर से धन्यवाद।