गर्मी शुरु होते ही जल निगम के अधिकारियों ने पेयजल व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरु कर दी है। हालांकि शासन की ओर से कोई विशेष पैकेज या बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। विभाग की ओर से अतिरिक्त हैंडपंप लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा है।
अधिकारियों का मानना है अभी जिले में पेयजल को लेकर कोई संकट नहीं है लेकिन आनेवाले दिनों में जलस्तर कम होने पर परेशानी बढ़ सकती है। बलिया जिले में कुल 46 हजार 250 इंडिया मार्का टू हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इसमें 44 हजार हैंडपंप ग्रामीण इलाकों में और ढाई हजार हैंडपंप नगरीय इलाकों में हैं।
जल निगम के अधिशासी अभियंता फणिंद्र राय की मानें तो जिले में अभी जलस्तर कम होने की सूचना किसी भी इलाके से नहीं मिली है और न ही हैंडपंपों ने पानी ही छोड़ा है। लेकिन संभावना जताई कि आनेवाले दिनों में भीषण गर्मी पड़ने पर जलस्तर कम हो सकता है। बताया कि जिले में कुल 949 गांवों सापेक्ष106 पेयजल परियोजनाएं भी संचालित हैं।
उन्होंने कहा कि इन नलकूपों की बोरिंग काफी डीप की गई है और जलस्तर कम होने की दशा में यह परियोजनाएं खास प्रभावित नहीं होंगी। कहा कि प्रत्येक परियोजना से दो से चार गांवों को पाइप लाइन से पेयजल मुहैया कराया जाता है।
गांवों में स्थापित हैंडपंपों के रखरखाव व मरम्मत की जिम्मेदारी प्रधानों के जिम्मे है लिहाजा उन्हें निर्देश जारी किया गया है। रिबोरिंग के लिए सभी ब्लाकों से प्रस्ताव मांगा गया है।
बताया कि हर साल करीब एक हजार हैंडपम्पों की रिबोरिंग की जाती है। एक्सईएन ने बताया कि गर्मी को देखते हुए अतिरिक्त हैंडपम्प स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से लक्ष्य निर्धारित होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।