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कागज में ग्राम समाज की गड़ही, मौके पर राइस मिल

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करम्मर में गड़ही की भूमि पर बना राइस मिल। - फोटो : BALLIA
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बलिया। जिले के बांसडीह तहसील क्षेत्र के करम्मर गांव में धीरे-धीरे कर लगभग 130 बीघा भूमि पर कब्जा कर लिया गया। पिछले 15 सालों में इस गांव में स्थित 15-20 तालाब या गड़हे गायब हो गए और किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। आज हालात ये हैं कि लगातार शिकायत के बाद भी न तो प्रशासन के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं न ग्राम प्रधान ही सरकारी भूमि से कब्जा हटवाने की कोई कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संग्राम सिंह तोमर ने डीएम से लेकर एसडीएम बांसडीह तक को कई बार शिकायती पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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संग्राम सिंह तोमर की ओर से डीएम को दिए पत्रक के साथ लगाई गई लेखपाल की रिपोर्ट में भी साफ-साफ लिखा है कि जहां कागज में गड़ही दर्ज है वहीं मौके पर राइस मिल चल रही है। लेखपाल की ओर से दी गई रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा है कि ग्राम करम्मर, परगना खरीद, तहसील बांसडीह के ग्राम समाज की संरक्षित भूमि पर भूमाफिया द्वारा कई वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमण का विवरण निम्नवत है। उसने रिपोर्ट में बताया है कि गांव में अराजी नंबर 2445/1 रकबा 2.865 हेक्टेयर भूमि पर अजय सिंह पुत्र बासुदेव सिंह निवासी करम्मर का कब्जा है। जबकि ये ग्राम समाज की पानी की गड़ही दर्ज है। आगे उसने रिपोर्ट दी है कि अराजी नंबर 2394, 2396, 2397 और 2398 रकबा क्रमश: 0.267 हेक्टेयर, 0.109 हेक्टेयर, 0.109 हेक्टेयर और 0.073 हेक्टेयर कुल भूमि 0.558 हेक्टेयर पर ओम प्रकाश प्रजापति पुत्र हरेराम प्रजापति निवासी करम्मर का कब्जा है। कागज में ये भूमि ग्राम समाज की जलमग्न गड़ही दर्ज है, जबकि मौके पर यहां राइस मिल का संचालन किया जा रहा है। लेखपाल की रिपोर्ट में तीसरे नंबर पर अराजी नंबर 397 है जिस पर मंगला पुत्र कपिल व गायत्री पत्नी मंगला निवासी करम्मर का कब्जा है। ये भूमि 0.437 हेक्टेयर है। कागज में ये ग्राम समाज की आरक्षित भूमि (कब्रिस्तान) के रूप में दर्ज है। चौथे नंबर के अवैध कब्जेदार हैं देवनाथ पुत्र श्रीराम निवासी करम्मर, इन्होंने अराजी नंबर 2495 रकबा 0.065 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया है। ये भूमि भी कागज में ग्राम समाज की गड़ही के रूप में दर्ज है।
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सरकारी भूमि पर कब्जा, झेल रहे गांव के लोग
संग्राम ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है सरकारी भूमि और तालाब-पोखरों पर कब्जा हो जाने से बरसात में गांव में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पहले इन गड़हों में पानी भर जाता था, जिससे गांव वालों को राहत रहती थी, लेकिन अब कहीं पानी की निकासी नहीं होने से गांव के लोगों को जलभराव से काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। साथ ही उनके पानी लगातार भरा होने से संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर सरकारी भूमि खाली कराने की अपील की है।
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मिल विभाग से अटैच है और वहां धान भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिल किस जमीन पर है ये देखना राजस्व विभाग का काम है। मिल आबादी में है और यदि उससे प्रदूषण फैल रहा है जिससे आसपास के लोगों को परेशानी हो या जनहित प्रभावित हो रहा हो तो ये प्रदूषण विभाग को देखना होता है। मंडी भी लाइसेंस जारी करती है। जब तक इन विभागों से एनओसी नहीं मिलती है, हम मिल को अटैच नहीं करते हैं। मिल के पास जो डॉक्यूमेंट हैं यदि सही हैं तो हम अटैच कर देते हैं।
कमलेश पांडेय, जिला विपणन अधिकारी
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मामले की जांच कराकर जिन्होंने भी ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा किया होगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भूमि को हर हाल में खाली कराया जाएगा और उसका उपयोग ग्राम समाज की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा। जो तालाब या गड़ही के रूप में दर्ज हैं उन्हें उसी रूप में लाया जाएगा।
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दुष्यंत कुमार मौर्य, उपजिलाधिकारी, बासंडीह
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