बलिया। कटान में 97 पक्का मकान गंवाने वाले पीड़ितों को 1.31 करोड़ से अधिक की धनराशि दी जा चुकी है। प्रशासन ने पीड़ितों का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
गंगा व सरयू की कटान से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार की तरफ से लगातार पीड़ितों को सहायता मिल रही है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। कई की आंख के सामने उनका आशियाना गंगा व सरयू की धारा में समा गया। कइयों ने अपने हाथों ही तोड़ कर मलवा तक को सहेजा। प्रशासन की तरफ से पक्का व कच्चा मकान गंवाने वालों का सर्वे कर सहायता राशि दी जा रही है। उसके बाद भी भरपाई नहीं हो पा रही है। बैरिया व बांसडीह तहसील क्षेत्र में गंगा व सरयू की कटान से तबाही हुई थी। कटान में 97 लोगों के पक्के मकान नदी में समा गए थे। पीड़ित रिश्तेदारों के घर शरण लिए हुए हैं या बंधे पर झोपड़ी लगाकर रह रहे हैं। इसमें सबसे अधिक बांसडीह तहसील क्षेत्र में सरयू के कटान से पक्का मकान नदी में गिरे हैं। प्रशासन की तरफ से इन कटान पीड़ितों का सर्वे किया गया था। उसके बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। कटान प्रभावित पीड़ितों के खाते में शासन से अब तक 1 करोड़ 31 लाख 78 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं।
बाढ़ के दौरान गंगा व सरयू में सबसे अधिक नुकसान बांसडीह तहसील क्षेत्र में भवनों को हुआ था। सभी पीड़ितों का तहसीलवार सर्वे कराकर उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। पीड़ितों के खाते में सीधे धनराशि भेजी गई है। अभी भी नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
-डीपी सिंह, एडीएम
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