बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। डीएम जानकारी ली कि कितनी दुकानें रिक्त हैं। निर्देश दिया कि जो भी दुकानें खाली हैं, उनका आवंटन नियमों के अनुसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि जहां मतभेद की स्थिति है, वहां तहसील स्तरीय समिति की ओर से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि वर्ष 2024 से जो भी राशन दुकानें रिक्त पाई जाएंगी, उनके लिए संबंधित एसडीएम, बीडीओ एवं सप्लाई इंस्पेक्टर की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्थिति में 15 दिनों के भीतर दुकान संचालन शुरू हो जाना चाहिए। दुकान के निरस्त होने की स्थिति में वह एक माह से अधिक समय तक रिक्त न रहे। इसके अलावा जिन स्थानों पर अन्नपूर्णा भवन का निर्माण हो चुका है, वहां कोटेदार से उसी भवन से राशन वितरण कराया जाए। किसी अन्य स्थान से अतिरिक्त वितरण न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भरौली क्षेत्र के पास कैमरे लगाने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग की ओर से लक्ष्य के सापेक्ष कम राजस्व प्राप्त होने पर नाराजगी जताई। मंडी समिति और परिवहन विभाग का राजस्व वसूली भी लक्ष्य से कम मिली। जिलाधिकारी ने कहा कि अब महीने के लक्ष्य के बजाय वार्षिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य किया जाए। मार्च तक सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्य हर हाल में पूरा करें और वसूली में तेजी लाएं। वाणिज्य कर विभाग की प्रगति 77 प्रतिशत ही मिलने पर जवाब मांगा। स्टांप एवं निबंधन (सदर) से भी जवाब तलब किया। सरकारी राशन दुकानों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।