दुबहर थाना क्षेत्र के नगवां गांव निवासी उर्मिला की पुलिस पिटाई से हुई मौत का मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को इस मामले में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर पुलिस प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही डीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग कि की हत्यारोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उर्मिला के परिवारीजनों को 20 लाख मुआवजा दिया जाए।
भाजपा नेता चंद्र प्रकाश पाठक एवं ग्राम प्रधान विनोद गुप्ता के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। धरने के दौरान उर्मिला के पति मुन्नी लाल पासवान ने आरोप लगाया कि संबंधित थाने को बगैर सूचित किए सतनी सराय चौकी के सिपाही राजीव मिश्रा और विजय कुमार प्रजापति 21 जून को नगवां गांव स्थित मेरे आवास पहुंचे।
जहां टुनटुन पासवान, रामप्रसाद पासवान, कुसुम पत्नी टुनटुन, मनजी पुत्र टुनटुन, हरेराम के साथ मिलकर मेरी पत्नी उर्मिला को उठा लिया और उसकी हत्या करके सदर कोतवाली क्षेत्र के सहरसपाली गांव निवासी मेरी बहन विमला देवी के घर लाश पहुंचा आए। मैंने कोतवाली बलिया में तहरीर भी दी, यहां तक कि दो आरोपियों को पकड़ पुलिस को सुपुर्द भी किया।
लेकिन आरोपी दोनों सिपाही एवं अन्य अपराधी पुलिस उदासीनता के बाहर घूम रहे है। इसके साथ ही मेरे लड़के को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसी क्रम में चंद्रप्रकाश पाठक ने कहा कि पीड़ित द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद मुकदमा दर्ज न करना और हत्यारों को गिरफ्तार न करना पुलिसिया कार्रवाई पर सवालिया निशाना उठाता है।
उन्होंने मांग उठाई कि पीड़ित परिवार के बच्चों के भरण-पोषण व शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये मुआवजा और आरोपी सिपाही पर हरिजन एक्ट का मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तार किया जाय। मृतका के पति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आरोपी सिपाही समेत अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह अपने पूरे परिवार के साथ गंगा में जलसमाधि ले लेंगे। इस मौके पर भुवनेश्वर पासवान, अंजनी लाल चौबे, भोला पासवान, घूरा पासवान, राजेश, हरेंद्र पासवान, शिवनाथ, मुन्नीलाल पासवान, अनिता वर्मा, रविकांत पाठक आदि मौजूद रहे।