जिला महिला अस्पताल की पैथोलाजी में मंगलवार को पैसा वसूली का विरोध करते हुए महिला मरीजों व परिजनों ने जमकर हंगामा किया। काफी देर तक गहमा गहमी बनी रही। सीएमएस ने उक्त कर्मचारी से मरीज का पैसा वापस कराया। खून की जांच कराई, उसके बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने जांच के बाद दोषी कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, दूसरी तरफ प्रसव कक्ष में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं ने प्रसव के बाद एक से दो हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया।
जिला महिला अस्पताल में दिव्यांग रतसड़ निवासी रोशन आरा अपने एक वर्ष के पुत्र मो. इरफान को सांस जकड़ने पर डाॅ. रजनीकांत यादव को दिखलाया। उन्होंने खून जांच कराने की सलाह दी। पैथोलाजी के कर्मचारी ने तीन जांच अंदर की और एक जांच बाहर की बता एक हजार रुपये की मांग की। महिला ने गरीबी का हवाला देकर आठ सौ रुपये दिए। इस दौरान हंगामा भी हुआ। उसी दौरान शिवपुर दियर निवासी वसीम शाह अपनी पत्नी साजिदा की खून जांच कराने पहुंचे। कर्मचारी ने सौ रुपये की मांग की। वसीम ने इसकी शिकायत छात्र नेता रानू पाठक से की। रानू ने सीएमएस को मामले से अवगत कराया। सीएमएस पैथोलाजी पहुंच कर्मचारियों को फटकार लगाने लगी। यह देख कई अन्य महिलाएं पैसा लेने का आरोप लगाने लगीं। सीएमएस ने दिव्यांग महिला का पैसा वापस करवाकर सभी जांचें पैथोलाजी में करवाई।