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नवजात की मौत पर बवाल: बच्चे को धूप दिखाने के लिए कहकर डॉक्टर भागी, आशा कार्यकर्ता भी शामिल; पहुंची पुलिस

Sat, 29 Aug 2026 01:24 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

बलिया में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल में हंगामा किया। आरोप है कि डॉक्टर बच्चे को धूप दिखाने की बात कहकर वहां से चली गईं। परिजनों ने पैसे लेने के लिए नवजात को ऑक्सीजन मास्क लगाने का भी आरोप लगाया। आशा कार्यकर्ता पर निजी अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंचाने का आरोप है। सूचना पर पुलिस पहुंची।
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अस्पताल के बाहर नाराज परिजन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नगर स्थित एक हॉस्पिटल में प्रसव के कुछ घंटे बाद नवजात बच्चे की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने, गलत इंजेक्शन लगाने तथा उन्हें धमकाने का गंभीर आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन में जुट गई।

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नगरा के वार्ड नंबर तीन निवासी रेखा गुप्ता (26) पत्नी घूरा को प्रसव पीड़ा होने पर एक आशा कार्यकर्ता ने बेहतर प्रसव का आश्वासन देकर 26 अगस्त को हॉस्पिटल में भर्ती कराया। परिजनों के अनुसार 27 अगस्त की सुबह करीब पांच बजे रेखा को सामान्य डिलीवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव से पहले अस्पताल में सात हजार रुपये जमा कराए गए थे। डिलीवरी के बाद अस्पताल कर्मियों ने नवजात को धूप दिखाने की सलाह दी, जिसका परिजनों ने पालन किया।
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परिजनों के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे अस्पताल कर्मियों ने बकाया तीन हजार रुपया भुगतान जमा करने के लिए कहा और बताया कि उन्हें कहीं बाहर जाना है। जब परिजन बच्चे के पास पहुंचे तो उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने मृतप्राय बच्चे के मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगा दिया और परिजनों से भुगतान कराने में जुटे रहे। 

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इस दौरान डॉक्टर के अस्पताल से चले जाने का भी आरोप लगाया गया। स्थिति पर सवाल उठाने पर परिजनों ने अस्पताल कर्मियों द्वारा कथित रूप से धमकाने का आरोप लगाया। परिजन को शंका होने पर उन्होने नवजात को लेकर पकवाइनार स्थित बाबा रामदल हॉस्पिटल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन उसके बाद मऊ के एक निजी अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सक ने जांच के बाद पांच घंटे पूर्व मौत की बात कही। 

परिजन नवजात को लेकर वापस उक्त हॉस्पिटल पहुंचे और डॉक्टर से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि डॉक्टर ने मामले में अपनी जिम्मेदारी से इनकार कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने हंगामा कर निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर व अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की गई, लेकिन परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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