बोर्ड परीक्षा में अंग्रेजी के पेपर आउट प्रकरण में पत्रकारों को फंसाने की घटना का तीव्र विरोध हो रहा है। इस मामले में पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि ये कृत्य घोर निंदनीय है। किसी पत्रकार का धर्म है कि कोई विषय उसके संज्ञान में आए तो उसका पर्दाफाश करे। यदि इस पर पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है तो ये निंदनीय है। ये दुनिया का सबसे बड़ा आश्चर्य है।
वहीं, सपा विधायक जय प्रकाश अंचल ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकार हैं। कोई सूचना पत्रकार को मिलती है तो उसका कार्य जनता तक पहुंचाने का है। उसे गलती की जानकारी मिली तो उसने प्रशासन को अवगत कराया। ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
वहीं, जन अधिकार मंच के अध्यक्ष अतुल सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पत्रकारों पर की गई कार्रवाई निंदनीय है। जिला प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पूरे मामले को दूसरा रूप दे रहा है। कहा कि पेपर आउट के मामले में जिलाधिकारी की भूमिका गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय है।