यूपी बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान दूसरी पाली में पेपर आउट होने की अफवाह पूरे दिन हवा में तैरती रही। हल पेपर का साल्व दोपहर से ही भीमपुरा बाजार में बिकने लगा था।
सूचना मिलते ही परीक्षार्थियों की भीड़ जमा हो गई। दोपहर बाद जब दो बजे भौतिक विज्ञान का पेपर बंटा और हल पेपर से मिलान किया गया तो 50 से 60 फीसदी प्रशभन ही मिल रहे थे। ऐसे में लोगों का कहना था कि भौतिक विज्ञान का पेपर आउट कराने के नाम पर परीक्षार्थियों का जमकर शोषण किया गया।
यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल माफिया शुचिता की जमकर धज्जियां उड़ रहे हैं। उड़नदस्ता टीमों के साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक नकल माफियाओं पर नकेल कसने में नाकाम हैं। चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति जरूर की जा रही है। सैकड़ों नेम-फेम विद्यालयों पर अधिकारी जाने तक का नाम तक नहीं ले रहे हैं।
यह कहना गलत नहीं होगा कि नकल माफियाओं के आगे उनका मेहनत बेमतलब साबित हो रहा है। नकल माफियाओं के प्रभाव का असर यह रहा कि बुधवार को शाम की पाली में होने वाली भौतिक विज्ञान का प्रथम प्रशभनपत्र की हल कार्बन कापी भीमपुरा क्षेत्र में दोपहर 12 बजे से ही बाजार 1500 से लेकर 2000 रुपये में बिकने शुरू हो गए।
बाजार में बिक रही कार्बन कापी भौतिक विज्ञान के प्रथम प्रशभनपत्र का कोड संख्या 372 (एक्सपी) से करीब 60 फीसदी प्रश्न मेल खा रहे थे। प्रशभनपत्र आउट होने की खबर सुन डीआईओएस रमेश कुमार स्वयं के साथ पूनम चौधरी के उड़न दस्ता की टीम के साथ भीमपुरा क्षेत्र में पहुंच गए।