पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का क्रमिक अनशन दसवें दिन भी डीएम कार्यालय परिसर में जारी रहा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवं आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों की रिहाई और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि पत्रकार साथियों को रिहा नहीं किया गया तो 30 अप्रैल को जेल में इतने लोग पहुंचेंगे कि वहां जगह न बचेगी। हम निर्दोष पत्रकारों को न्याय दिलाकर चैन से बैठेंगे।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरविंद गोंडवाना ने कहा कि नकल माफिया के कुकृत्य की व्यापक जांच एवं पेपर लीक में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पत्रकारों ने सत्य उजागर किया है। उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। इस मामले में डीएम व एसपी की भूमिका की न्यायिक जांच कराई जाए।
आम आदमी पार्टी के नगर अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पत्रकारों के उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए। उन्हें सूचीबद्ध किया जाए। उत्तर प्रदेश की प्रेस मान्यता नियमावली में संशोधन कर उसमें पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उपबंध शामिल किए जाए। उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन करके उसमें मान्यता प्राप्त सभी संगठनों को प्रतिनिधित्व किया जाए। आम आदमी पार्टी के एससी-एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष विक्रमा राम ने कहा कि उनकी पार्टी 30 अप्रैल को जेल भरो आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी। सहित्यकार फत्तेहचंद्र गुप्ता बेचैन भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे।
आईपीएस के जिलाध्यक्ष सुरेश शाह एवं आदिवासी खरवार सेवा समिति के जिलाध्यक्ष शिवशंकर खरवार ने कहा कि प्रशासन ने अपनी करतूत छिपाने के लिए निर्दोष पत्रकार साथियों को गिरफ्तार किया है लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ सुरक्षित नहीं रहेगा तो आमजन की कहां सुनवाई होगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार, व्यापारी समाजसेवी और राजनीतिक दलों के लोग मौजूद थे।