बलिया। कोरोना महामारी से निपटने के लिए विधायक निधि से दी गई सहयोग राशि को जनप्रतिनिधियों द्वारा वापस लेने पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नारद राय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रेस को ई मेल के माध्यम से जारी एक बयान में पूर्व मंत्री ने कहा है कि कोरोना जैसी महामारी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा जो पैसा क्षेत्रीय विकास निधि से समुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य उपकरण की खरीद के लिए दिया गया था, उसे वापस मांगा जाना दुर्भाग्य पूर्ण है।
उन्होंने कहा है कि यदि उक्त धनराशि को स्वास्थ्य विभाग को उसी समय दे दिया गया होता तो अस्पतालों में अबतक संसाधन उपलब्ध हो गया होता और आज यह नौबत नहीं आती। कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा पैसा वापस मांगा जाना जनविरोधी कृत्य है। पूर्व मंत्री ने कहा है कि वैसे ही जनपद को पहले से उपेक्षित रखा गया है। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि मार्च महीने में ही जनप्रतिनिधियों ने धनराशि अवमुक्त करने की सिफारिश कर दिया था तो अबतक किस मजबूरी में प्रस्तावित मशीनों और उपकरणों की खरीदारी नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि ऐसा अपराध न करें कि जनपद स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हो जायें। साथ ही अपील की कि जिस कार्य के लिए आप सबने प्रस्ताव दिया है, उसे संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनाकर जिले की स्वास्थ्य ठीक कराये, यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनपद कोरोना जैसी महामारी मे भगवान भरोसे रह जायगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग किया है कि विधायक निधि को केंद्रित करने का काम न करें, यदि प्रदेश के विकास के लिए सरकार अपना बजट बनाती है तो कम पड़ने पर विधानसभा में अनुपूरक बजट भी पास कराती रही है।