बजट बढ़ा लेकिन सुविधाओं में कमी
गत वर्ष तक प्रदेशीय प्रतियोगिता हेतु एक लाख बीस हजार रुपये की राशि शासन द्वारा भेजी जाती थी, इस वर्ष उसे लगभग तीन गुना बढ़ाते हुए साढे चार कर दिया गया है। इसके बावजूद बच्चे आवास, बिजली पानी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अलीगढ़ टीम को मिले कमरों में न तो दरवाजे लगे हैं न ही खिड़कियों के दरवाजे और जाली हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि न तो वे सुरक्षित हैं न ही उनके जरूरी सामान। रात भर मच्छरों और गर्मी से जूझने के बाद वे किस तरह मैच खेलेंगे यह एक बड़ी समस्या है। बता दें कि चार लाख पच्चास हजार के केवल उद्घाटन, समापन, खेल उपकरण, खेल मैदान की मरम्मत और आवास व्यवस्था करनी होती है। खिलाड़ियों के भोजन पर आने वाले खर्च का भुगतान उनके अपने मंडल से होता है।
अधिकारी बोले
सरकार की तरफ से दिए गए निर्देश के अनुसार ही खेल का आयोजन कराया जा हा है। ठहरने की सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। स्कूल प्रबंधक को निर्देश दिए गए थे। अभी तक किसी तरह की शिकायत नहीं है। खेल की टाइमिंग का निर्णय आयोजन समिति की तरफ से लिया जाता है। -मनोज कुमार मिश्रा, डीआईओएस