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Ballia News: सरयू नदी में नहाते समय डूबे चाचा-भतीजा, मौत

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मनियर। क्षेत्र के रिगवन मठिया घाट पर मंगलवार की सुबह करीब सात बजे सरयू नदी में नहाते समय डूबने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। सूचना पर थाना प्रभारी रत्नेश कुमार दुबे मौके पर दलबल के साथ पहुंच गए और स्थानीय गोताखोरों एवं की मदद से शव की तलाश में जुट गए। दिन में करीब 11:30 बजे स्थानीय मछुआरा हीरामन बिंद ने जाल से दोनों शव निकाले।
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गोरखपुर जिले से एक बस से लोग रविवार को नवका बाबा के मंदिर परिसर में आयोजित मेले में प्रेतबाधा से मुक्ति पाने के लिए आए हुए थे। इसमें से गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना क्षेत्र के ग्राम खास डुमरी बसंत टोला निवासी भीम पटेल (30) पुत्र राम आग्रह पटेल व उसका भतीजा वीरू पटेल (15) पुत्र गोविंद पटेल आए थे। मंगलवार की सुबह रिगवन घाट पर सरयू नदी के किनारे परिजनों के साथ नहाने गए। इस दौरान गहरे पानी में चले जाने से डूब गए और उनकी मौत हो गई।
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सोनी की आंखों से ओझल हो गए देवर और बेटा
मनियर। गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना क्षेत्र के खास डुमरी बसंत टोला निवासी सोनी देवी अपने बेटे वीरू पटेल और देवर भीम पटेल के साथ मंगलवार की सुबह रिगवन ककरघट्टा मठिया घाट पर सरयू नदी में स्नान करने गई थी। स्नान करते समय देवर भीम पटेल एवं पुत्र वीरू पटेल गहरे पानी में चले गए और देखते-देखते सोनी देवी की आंखों से दोनों ओझल हो गए। दोनों को डूबते देखकर सोनी देवी दहाड़े मारकर रोने लगी। सोनी देवी ने बताया कि पति बाहर नौकरी करते हैं।
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चार घंटे के अथक प्रयास के बाद मिला शव
रिगवन घाट के पास नदी के किनारे बसे मछुआरों ने चार घंटे तक जाल फेंक कर लगातार शवों की तलाश की। तब जाकर दिन में करीब 11:00 बजे चाचा व भतीजे के शव मिले। इस मौके पर पूर्व प्रधान ककरघट्टा देवेंद्र यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जेपी यादव, भारतीय जनता पार्टी के जितेंद्र साहनी, क्षेत्र पंचायत सदस्य केदार यादव आदि मौजूद रहे। थानाध्यक्ष रत्नेश दुबे ने बताया कि नदी में डूबे दोनों शवों को मछुआरों के प्रयास से बाहर निकला गया।
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फोटो सहित

साइड स्टोरी.....
आई थी प्रेतबाधा से मुक्ति पाने के चक्कर में खोया देवर और पुत्र को
मनियर। सरयू नदी की धारा में डूबे पुत्र वीरू पटेल व देवर भीम पटेल का शव पानी से बाहर निकलते ही सोनी देवी अचेत हो गईं।
दोनों शवों के पास विलाप करती हुई सोनी देवी कह रही थी कि मैं पहली बार नवका बाबा के स्थान पर ग्रामीणों के साथ अपने देवर और पुत्र को लेकर आई थी, मुझे कुछ परेशानी थी जो ठीक नहीं हो रही थी तो वहां के सोखाओं ने बताया कि मनियर नवका बाबा के स्थान पर जाओ, वहां सब ठीक हो जाएगा। मेरे पति ने नवका बाबा के यहां आने के लिए पंद्रह सौ रुपये भेजे थे। मेरे साथ देवर व बड़ा पुत्र भी आ गए। बेटे ने कहा कि मां तुम पहले स्नान कर लो मैं चाचा के साथ स्नान कर लूंगा। पुत्र की बात पर पहले मैं नदी में स्नान करके घाट पर बैठ गई। देवर व पुत्र स्नान करने लगे। मैं पुत्र को बुला रही थी कि बाबू जल्दी चले आओ, लेकिन वह अपने चाचा के साथ स्नान करने लगा। देखते-देखते मेरा पुत्र व देवर आंखों से ओझल हो गए। इसी बीच आवाज आई बचाओ-बचाओ लोग डूब रहे हैं। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो मेरी आंखों के सामने ही दोनों गहरे पानी में डूब गए। मैं नहीं जानती थी कि अपनी पीड़ा हटाने के लिए बाबा के स्थान पर आई हूं तो मुझे पुत्र व देवर को खोना पड़ेगा। अगर यह मैं जानती नहीं आती। मेरा पुत्र जिद करने लगा था कि मां भी मैं भी चलूंगा इसलिए मुझे अपने साथ लाना पड़ा। घटना की जानकारी गांव पर होने पर छोटे पुत्र देवी लाल व बहन रूबी का रोते रोते हाल बेहाल है।
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