नरहीं। विकास खंड सोहांव में पांच ग्राम पंचायतों के खाता से बिना सचिव व प्रधान के हस्ताक्षर के 13.65 लाख रुपये गिट्टी-सिमेंट सहित अन्य समान की आपूर्ति देनी वाली रत्नाकर फर्म के खाते भेज दी गई।
दो महीने बाद प्रधानों की शिकायत व जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश के बाद एडीओ पंचायत भरत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मंगलवार को फर्म के संचालक सूरज गुप्ता पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
सोहांव ब्लॉक के उजियार गांव के प्रधान प्रधान शोएब अंसारी अगस्त में ग्रामसभा में विकास कार्य करने के लिए राज्य वित्त निधि के खाता की धनराशि की जानकारी के लिए बैंक खाता चेक करने गए। इस दौरान पता चला कि खाते से 120668 रुपये गायब थे। इसकी खबर लगते ही आसपास के अन्य गांवों के प्रधानों ने खातों की जांच की।
सिकंदरपुर के खाते से दो लाख 61 हजार, नसीरपुर मठ के खाते से तीन लाख 24 हजार, रामगढ़ के खाते से तीन लाख 24 हजार 564 और सरंया के खाते से तीन लाख 34 हजार 890 रुपये गायब थे। इस तरह पांचों ग्रामसभा के राज्य वित्त निधि के खाता से 1365961 रुपया बिना किसी अनुमति के भुगतान हो गए।
भुगतान सूरज गुप्ता नाम के रत्नाकर लिमिटेड बैंक के फर्म में हुआ है। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने सूरज गुप्ता से धन ट्रांसफर को लेकर पूछताछ की थी। उसने बताया था कि मेरे खाते का इस्तेमाल किया गया है लेकिन मुझे नहीं मालूम है कि कौन किया है।
जिला पंचायत अधिकारी ने आठ अक्तूबर को बीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। पांचों गांव के प्रधान उजियार के शोएब अंसारी, सरंया के मुकेश तिवारी, रामगढ़ के सतीश गोंड, सिकंदरपुर के शिवकुमार निषाद, नसीरपुर मठ की जोगेश्वरी देवी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी।
नरहीं थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एडीओ पंचायत भरत सिंह की तहरीर पर फर्म के संचालक सूरज गुप्ता पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। ब्लाक व बैंक कर्मचारियों से इस मामले में पूछताछ की जाएगी।