बलिया। माल्देपुर नाव हादसे के दूसरे दिन पुलिस ने दो नाविकों को बिना अनुमति नाव चलाने और अधिक सवारी लोड करने के मामले में गिरफ्तार कर संबंधित धारा में चालान कर दिया है। पकड़े गए नाविक का नाम मुनजी साहनी निवासी माल्देपुर और रामदयाल साहनी निवासी हैबतपुर हैं।
परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने जांच के बाद लापरवाही तय करने की बात कही थी, जो हवाहवाई साबित हुई। घटना के 36 घंटे बाद भी नाव हादसे की जांच के लिए कमेटी का गठन नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन अपनी गर्दन बचाने के लिए नाविकों पर कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डालने का काम किया है। प्रशासन के सामने यह बड़ा सवाल है कि आखिर किस जांच के आधार पर नाविकों की लापरवाही पुलिस ने तयकर कार्रवाई कर दी?
माल्देपुर घाट पर सुरक्षा को लेकर उपनिरीक्षक व चार जवान तैनात थे। उनके सामने नाविक नावों पर ज्यादा लोगों को बैठाते रहे और वह मूकदर्शक बने रहे। घाट पर मौजूद कुछ लोगों के अनुसार नाविकों के मना करने के बावजूद जबरदस्ती परिवार के सात आठ सदस्यों के साथ बैठ रहे थे।