बलिया। जिले के मैरिटार और बैरिया में हुई सड़क दुर्घटनाओं में एक की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गए। मैरिटार गांव के पास बुधवार की शाम बरातियों की कार पेड़ से टकरा गई। इसमें एक की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए। दूसरी घटना बैरिया क्षेत्र की है, जिसमें दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में परीक्षा देकर लौट रहे चार परीक्षार्थी बुरी तरह घायल हो गए।
केवरा/बांसडीह: सहतवार थाना क्षेत्र के ग्राम सभा रजौली से रामा यादव के घर से बुधवार की शाम गड़वार के जनऊपुर निवासी रामआशीष यादव के यहां बरात आई थी। इसमें सहतवार थाना क्षेत्र के बलेऊर (राजभर बस्ती) निवासी वशिष्ठ राजभर (45) पुत्र शिवकुमार राजभर, इसी थाने के छोटकी खरौली निवासी राजकुमार वर्मा (22) पुत्र छोटेलाल, पारस वर्मा (35) पुत्र रमाकांत वर्मा, छोटेलाल मौर्य (55) पुत्र बृजलाल मौर्य सवार थे। द्वारपूजा व जयमाल के बाद चारों गांव के लिए निकल पड़े। कार जैसे ही बांसडीह के मैरिटार चौराहे से करीब 200 मीटर आगे बढ़ी अचानक बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। इसमें सवार वशिष्ठ राजभर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि राजकुमार, पारस व छोटेलाल घायल हो गए। तीनों घायलों को जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। घायल राजकुमार वर्मा कार चला रहा था।
बैरिया: रेवती थाना क्षेत्र के पियरौटा गांव निवासी विकास कुमार गोंड (16) पुत्र तारकेश्वर गोंड, इसी गांव के मुन्ना यादव (15) पुत्र गोविंद यादव बाइक से दलनछपरा के तरफ से परीक्षा देकर अपने गांव वापस लौट रहे थे। जैैैसे ही वह सोनिया मोड़ के समीप पहुंचे कि सामने से भी परीक्षा देकर आ रहे दलन छपरा निवासी इंद्रजीत सिंह (23) व अरुण कुमार सिंह(25) पुत्रगण राजाराम सिंह की बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पहुंचाया।
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परिवार का कमाऊु सदस्य था वशिष्ठ
केवरा। वशिष्ठ की मौत की सूचना जैसे ही पत्नी रंभा देवी को मिली, वह फफक कर रोने लगी। उधर, उसकी पुत्रियां व पुत्र भी दहाड़े मारकर रो रहे थे। इस दौरान आसपास के लोग महिला व बच्चों को ढांढ़स बंधा रहे था। वशिष्ठ घर का एक मात्र कमाऊ सदस्य था। मृतक की छह पुत्री व एक पुत्र है। बताया जा रहा है कि वह सहतवार थाना के पास स्थित मौर्या मशीनरी स्टोर पर मजदूरी करता था। यहां से जो मजदूरी मिलती थी, उससे परिवार का भरण पोषण करता था। कमाऊ सदस्य के मौत के बाद अब बच्चों के परिवरिश की जिम्मेदारी पत्नी के कंधे पर आ गई है।