बलिया। विशेष न्यायाधीश (ईसी) एक्ट राम कृपाल की अदालत ने मार-पीट के लगभग ग्यारह साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई।
अदालत ने सुनवाई करते हुए दो सगे भाई अभियुक्त गण अष्टम पुत्र धरम पाल सिंह एवं संजय पुत्र धरम पाल सिंह शोभा छपरा बैरिया को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल के सश्रम कैद एवं चार-चार हजार रुपये जुर्माने से दण्डित की है और जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त एक-एक माह का कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के मुताबिक यह घटना भाई भाई के बीच बंटवारे के विवाद को लेकर घटित हुआ था। वादिनि मुकदमा के पति जितेन्द्र को उसी के सगे भाइयों ने पीट-पीट कर लहूलुहान कर कर दिये थे।
गैंगस्टर के अभियुक्त को दस साल का कारावास
बलिया। गिरोहबंद अधिनियम के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट हरीश कुमार की न्यायालय ने सहतवार थाने अंतर्गत रजौली गांव निवासी अभियुक्त रिंकू सिंह को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। सहतवार थाने में गैंगस्टर के मामले में दर्ज प्राथमिकी में आरोपी को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई है।