बैरिया। उत्तरी दियारांचल के गोपाल नगर टाड़ी में बुधवार की देर रात सरयू में दो मकान समा गए। अभी 12 मकान कटान के मुहाने पर हैं।
बुधवार रात गोपाल नगर टाड़ी निवासी विनोद यादव और रामजीत यादव के मकान कटान की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान की ऐसी ही गति रही तो आने वाले दिनों में बचे हुए मकान भी सरयू में समा जाएंगे।
कटान का असर केवल गोपाल नगर टाड़ी तक सीमित नहीं है। वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर, शिवाल मठिया, चाई छपरा, अधिसिझुआ और बकुलहा में भी सरयू लगातार उपजाऊ कृषि भूमि को निगल रही है।
कटान से दहशत में आए ग्रामीण अपने आशियाने स्वयं उजाड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों पर सामान लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
कई परिवार पुरानी रेलवे लाइन के किनारे झोपड़ियां डालकर रहने के लिए मजबूर हैं, जबकि कुछ रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। विस्थापित परिवारों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से स्थायी पुनर्वास के लिए कोई सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से कटान की समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
हालांकि, उपजिलाधिकारी शशि भूषण मिश्रा लगातार कटान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों का हाल जान रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कटान प्रभावित परिवारों के लिए सरकारी राशन गोपाल नगर टाड़ी पहुंच चुका है और शीघ्र ही उसका वितरण कराया जाएगा।
साथ ही उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं और सक्षम लोगों से भी आगे आकर प्रभावित परिवारों की सहायता करने की अपील की है।