बैरिया/जयप्रकाश नगर। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की जद में आ रहे दो मकान को सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। शेष छह लोगों का आशियाना ध्वस्त होने की कगार पर है। मौके पर लोगों ने हंगामा भी किया। लोगों का आरोप है कि मुआवजा भी नहीं दिया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में सोमवार को स्थानीय तहसील प्रशासन और पुलिस बल नौका टोला स्थित मौके पर पहुंचा। परशुराम सिंह के मकान को ध्वस्त कर दिया। उस मकान में कोई नहीं था। परिवार के लोग कहीं बाहर हैं।
बीना सिंह के मकान को भी ध्वस्त करना शुरू किया तो स्थानीय लोग प्रशासन से भिड़ गए। पुलिस से स्थानीय लोगों की कहासुनी, नोकझोंक और धक्का मुक्की भी हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि परशुराम सिंह का 4.85 लाख बाकी है, जबकि उनके मकान का मूल्यांकन लोक निर्माण विभाग की ओरसे कौड़ियों के मोल में एनएचआई के दबाव में किया गया है।
बीना सिंह का 40 लाख रुपये बाकी हैं। गणेश सिंह का 21 लाख रुपये बाकी हैं। राम आसन सिंह के 56 लाख रुपये बाकी हैं। जितेंद्र सिंह के 20 लाख रुपये बाकी हैं। वीरेंद्र सिंह के पांच लाख रुपये बाकी हैं। विनय सिंह, विनोद सिंह, मनोज सिंह, विजय सिंह, सुदामा सिंह,सुरेंद्र सिंह आदि लोगों का भी कुल मिलाकर 50 लाख रुपये से अधिक की धनराशि बाकी है।
इनका कहना है कि प्रशासन बिना पैसा दिए जबरन हम लोगों का मकान और जमीन ले रहा है। हम लोग पैसे के लिए चक्कर लगाते-लगाते थक गए हैं। प्रशासन के इस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश है। मकान को ध्वस्त करते समय मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी मोहम्मद फहीम कुरैशी, नायब तहसीलदार दीपक सिंह, प्रभारी निरीक्षक विपिन सिंह मौजूद रहे।