नगर के टीडी काॅलेज चौराहा से होकर गुजरते बिना हेलमेट पहने एक बाइक पर जाते तीन-तीन सवार।
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तमाम प्रयासों के बाद भी नगर में लोग ट्रिपल राइडिंग से बाज नहीं आ रहे। युवक ही नहीं लोग परिवार को भी इसमें शामिल कर ले रहे। ऐसे मे ंवह परिवार को सीधे-सीधे हादसों के नजदीक ले जाने का काम कर रहे। नगर के अधिकांश सड़कों पर ट्रिपल राइडिंग का नजारा आपको आसानी से देखने को मिल जाएगा। सबसे दिलचस्प तो यह है कि जिन्हे ठीक से बाइक चलानी तक नहीं आती वैसे लोग अकसर ट्रिपल राइडिंग करते है। अपने जान को जोखिम डालते ही है परिवार के दो तीन अन्य सदस्यों को भी बाइक पर बैठ कर फर्राटे भरना शुरू कर देते है। नगर के व्यस्तम माने जाने वाला टीडी कालेज चौराहा तथा चित्तू पांडेय चौराहा पर हर दस से 15 मिनट में एक ट्रिपल राइडर पुलिस के सामने से ही गुजर जाता है। जबकि शासन के निर्देश पर प्रति दिन अभियान चलाए जा रहे है। यहां तक कि कभी-कभी तो पुलिस महकमे के कर्मचारी तथा नौकरीपेशा लोग भी ऐसा करने से बाज नहीं आ रहे है।
अमर उजाला की टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो पाया कि प्रति आधे घंटे के भीतर दस से 15 लोग एक चौराहे से ट्रिपल राइडिंग करते हुए जा रहे है। इससे सरकार के वाहन सुरक्षा जागरूकता अभियान को भी पलीता लग रहा है। शासन का फरमान जारी होने पर लोग अकसर कुछ दिनों के लिए अभियान के नाम पर ट्रिपल राइडिंग को छोड़ देते है। लेकिन कुछ दिनों बाद पुनः लोग बेधड़क टि्रपल राइडि़ग करने लगते हैं। यहीं नहीं पुलिस कर्मी भी प्रायः कहीं भी चालान होने के बाद आरोपियों को बाइक पर बैठाकर ट्रिपल राइडिंग करते हुए कोर्ट ले जाते हैं। अक्सर बिना हेलमेट टि्रपल राइडि़ग करते हुए पुलिस कर्मियों को देखा जा सकता है। विभ्ााग को इस आेर ध्यान देने की जरूरत है।