कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कंपनी बाग में सेनानी रामरक्षा गोंड के पुण्यतिथि पर उनके चित्र के समक्ष
बलिया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामरक्षा गोंड की तृतीय पुण्यतिथि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कंपनी बाग एवं उनके पैतृक गांव खरीद में मनाई गई। लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने सेनानी रामरक्षा गोंड अमर रहे, अमर रहे... के नारे लगाए।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश महासचिव गोपालजी खरवार ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में देश के आदिवासी जनजाति समुदाय ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया, जेल गए, अंग्रेजों की कठोर यातनाएं सही। ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आगसा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार गोंड ने कहा कि आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले आदिवासी जनजाति समुदाय की गाथा शानदार है। विश्वविद्यालय से लगायत महाविद्यालयों में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में पढ़ाया जाता है। इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम रक्षा गोंड जी की स्मृति में उनकी जन्मभूमि ग्राम खरीद में स्मृति द्वार व आदमकद प्रतिमा लगाए जाने की मांग प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेनानी रामरक्षा गोंड के पौत्र जितेंद्र गोंड ने बताया कि उनके दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामरक्षा गोंड ने 108 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली थी। इस मौके पर बच्चा लाल गोंड, अरविंद गोंडवाना, नैना देवी, किरन देवी, जितेन्द्र गोंड आदि रहे।