हल्दी। ब्लाॅक बेलहरी में पशु चिकित्सालय पशुमित्र के सहारे चल रहा है। पशुओं के इलाज के लिए कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं है न फार्मासिस्ट। ब्लाॅक के अंदर छोटे-बड़े मिलाकर 22 हजार से अधिक पशु मौजूद हैं। पशुपालकों की मजबूरी है कि समय पर उपलब्ध होने वाले अप्रशिक्षित लोगों से ही पशुओं का उपचार कराया जाए।
विकास खंड बेलहरी में तीन अस्पताल व दो एलएम सेंटर हैं लेकिन ब्लाॅक का अपना एक भी चिकित्सक या फार्मासिस्ट नहीं है। पशुधन प्रसार अधिकारी भी नहीं है। हनुमानगंज में तैनात चिकित्सक के पास पहले से तीन अस्पतालों का चार्ज था, उन्हें ही बेलहरी का प्रभारी बनाया गया है। यही हाल फार्मासिस्ट का भी है। दुबहर व रेवती में तैनात दो फार्मासिस्टों को बेलहरी का प्रभारी बनाया गया है, जो सप्ताह में एक या दो दिन ही आते हैं।
बेलहरी ब्लाॅक में सोनवानी, बाबूबेल व दीघार में पशु अस्पताल संचालित होता है। इसके अलावा सीताकुंड व जवहीं दियर गांव में एएम सेंटर मौजूद है।
हनुमानगंज के चिकित्सक की डुमडुमा, चिरुइया व हनुमानगंज तीन अस्पतालों पर तैनाती है, उन्हें ही बेलहरी ब्लाॅक के सोनवानी, बाबूबेल व दिघार का चार्ज दिया गया है। हनुमानगंज, दुबहर व बेलहरी में संचालित तीन गोशालाओं का भी चार्ज इन्हीं के पास है।