पिछले दिनों प्रसूता को प्रसव कक्ष में न पहुंचाकर सीएचसी की फर्श पर ही छोड़कर चले जाना इसे बड़ी लापरवाही के तौर पर लिया गया है। सीएमओ ने सख्ती दिखाई है और एंबुलेंस स्टाफ के ट्रांसफर का आदेश दिया है। इसके साथ ही ये संदेश भी दिया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोनबरसा सीएचसी में फर्श पर गर्भवती के प्रसव के मामले में सीएमओ डॉ. संजीव वर्मन की सख्ती पर 102 नंबर के एंबुलेंस स्टाफ पर कार्रवाई हुई है। गर्भवती को प्रसव कक्ष तक न पहुंचाकर परिसर में छोड़ने वाले एंबुलेंस के चालक राकेश कुमार व ईएमटी नुरूल हसन का मऊ स्थानांतरण हो गया है। इस मामले में पूर्व में सीएचसी प्रभारी व स्वास्थ्यकर्मी पर कार्रवाई हो चुकी है।
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सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन ने भविष्य में एम्बुलेंस स्टाफ मरीज को इमरजेंसी या प्रसव कक्ष में नहीं पहुंचाने की शिकायत मिली तो उन पर कार्रवाई तय है। उन्होंने बुधवार को ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस 102 व 108 कंपनी के आजमगढ़ रीजनल मैनेजर सुमित प्रताप सिंह व जिला मैनेजर प्रभाकर यादव को सख्त लहजे से चेतावनी दी।
कहा कि सभी एंबुलेंस स्टाफ को हिदायत दें कि मरीज़ों को अस्पताल परिसर में छोड़ने की जगह चिकित्सा कक्ष तक पहंुचाएं। अगर गर्भवती है तो एंबुलेंस में मौजूद स्ट्रेचर से उसे प्रसव कक्ष व गंभीर मरीज होने पर इमरजेंसी कक्ष के अंदर पहुंचाकर इसकी जानकारी चिकित्सक या फार्मासिस्ट को दें।
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कहा कि गर्भवती को अस्पताल ले जाते समय संबंधित अस्पताल की स्टाफ नर्स को फोन कर इसकी जानकारी दे दे। जिससे मरीज को समय से चिकित्सकीय सुविधा का लाभ मिलेगा। रीजनल मैनेजर को अन्य कई बिंदुओं पर सुधार का निर्देश दिया। कहा कि स्टॉफ की थोड़ी से लापरवाही से पूरे विभाग की बदनामी होती है। मरीज व उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ती है।